खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा: एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत – Bhopal News

खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा:  एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत – Bhopal News




मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो में पारा 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह 10 साल में सबसे ज्यादा है। छतरपुर का ही नौगांव दूसरा सबसे गर्म शहर है। मंगलवार को 4 जिलों में लू और 12 में आंधी-बारिश का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने 27 अप्रैल से 1 मई तक प्रदेश में तेज गर्मी के बीच बारिश की चेतावनी भी जारी की है। ऐसा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ की वजह से होगा। 28 अप्रैल से हीट वेव यानी, लू से राहत मिल सकती है। इन जिलों में लू का अलर्ट
मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक, आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 15 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक
इससे पहले सोमवार को खजुराहो में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, नौगांव में 45.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर-दतिया समेत 15 शहर ऐसे रहे, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। भोपाल-ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, श्योपुर में 44.8 डिग्री, दतिया में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, रीवा, सीधी-सतना में 44.4 डिग्री, मुरैना, शाजापुर, दमोह, रतलाम, मंडला, गुना और रायसेन में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सागर में सुबह से तल्ख धूप के बाद दोपहर में मौसम बदला और बादल छा गए। शाम को ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई। रहली,बंडा क्षेत्र में हवाओं के साथ बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ। खजुराहो में टूट सकता है ओवरऑल रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो खजुराहो में 10 साल में कभी भी इतनी गर्मी नहीं पड़ी। 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यदि गर्मी का दौर ऐसा ही रहा तो ये रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी
गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम
इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी
अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी
इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड
जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी
ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था, जब 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड
उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2025 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल यह रिकॉर्ड 48.8 डिग्री पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी है।



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