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श्रेयस अय्यर ने पिछले सीजन इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स की टीम को फाइनल में पहुंचाया था, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उसे हराकर पहली बार ट्रॉफी जीती. फाइनल में हार की कसक लेकर इस बार उसके पंजाब के कप्तान और भी खूंखार नजर आ रहे हैं. उन्होंने अपने खेल में आए बदलाव के पीछे मारे गए ताने को बताया.
मुझे ताना मारकर उकसाया…श्रेयस अय्यर के अंदर जल रही आग
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से कमाल कर रहे श्रेयस अय्यर की हर तरफ चर्चा हो रही है. मिडिल ऑर्डर के इस बल्लेबाज ने न सिर्फ अपने खेल को बल्कि अपने करियर को भी सबसे छोटे फॉर्मेट में पूरी तरह बदल दिया है. अय्यर अब सिर्फ आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए भरोसेमंद बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक फिनिशर और कप्तान भी बन गए हैं. इस बदलाव के पीछे वे ताने हैं, जिन्होंने अय्यर को परेशान किया और उन्हें “लोगों को गलत साबित करने” का फैसला लेने के लिए मजबूर किया.
कभी बाउंसर गेंद के खिलाफ कमजोरी के लिए निशाना बनाए गए अय्यर ने मुंबई इंडियंस के जसप्रीत बुमराह के खिलाफ शानदार छक्का जड़कर अपने आलोचकों को चुप करा दिया. जियोस्टार के ‘बिलीव’ शो में पंजाब किंग्स के कप्तान ने बताया कि कैसे उन्होंने खुद को आलोचकों को गलत साबित करने के लिए प्रेरित किया.
“मेरे आसपास ऐसे लोग हैं जो कहते हैं कि तुम नहीं कर सकते. यह नामुमकिन है. मुझे यह सुनना पसंद नहीं है. एक क्रिकेटर के तौर पर, जो सबसे ऊंचे स्तर पर खेल रहा है, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता. फिर मैं अपने मन में तय करता हूं कि मुझे उन्हें गलत साबित करना है. चुनौती बन जाती है. ‘मैं इस स्थिति में था, अब कैसे और मजबूत होकर लौटूं?’ मैं खुद को और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित करता हूं और जल्द से जल्द वापसी करने की कोशिश करता हूं ताकि उन्हें गलत साबित कर सकूं. यही सोच मुझे आगे बढ़ाती है, खासकर चोट के बाद.
शॉट बॉल का ताना मारा गया
अय्यर ने आगे कहा, जब मेरी पीठ में चोट लगी थी, तब कुछ लोगों ने कहा कि मैं पहले जैसा नहीं रहूंगा. मैंने खुद से पूछा, क्यों नहीं रह सकता? चोट के बाद आप अपनी सोच को कैसे ढालते हैं, यह बहुत जरूरी है. आप तय करते हैं कि किस पर ध्यान देना है और किसे नजरअंदाज करना है. शॉर्ट बॉल कमजोरी’ का ताना अय्यर के कानों में लंबे समय तक गूंजता रहा. खुद अय्यर ने माना कि ये ताने उन्हें “ट्रिगर” करते थे और उन्होंने इस कमजोरी को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत करने का फैसला किया.
“लोग कहते थे कि मैं अपनी शॉर्ट बॉल की समस्या कभी ठीक नहीं कर पाऊंगा. यही बात मुझे ट्रिगर करती थी. मैं उन्हें गलत साबित करना चाहता था, इसलिए मैंने इस पर कड़ी मेहनत की. पहले मैं सिर्फ सिंगल लेकर या गेंद को नीचे रखने की कोशिश करता था. अब मेरी सोच बदल गई है. अगर मुझे अपनी रेंज में शॉर्ट बॉल दिखती है, तो मैं उसे छक्के के लिए मारूंगा. मैं प्रवीण आमरे के साथ काम करता हूं; मैं बचपन से उनके साथ हूं. मैं अभिषेक नायर जैसे कोचों से भी बात करता हूं. हम आपस में विचार साझा करते हैं.
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विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें