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Gwalior News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के दो बड़े प्रोजेक्ट्स, पश्चिमी बाईपास और रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का निरीक्षण किया. ₹1374 करोड़ की लागत वाला 29 किमी लंबा पश्चिमी बाईपास जनवरी 2028 तक तैयार होगा. जानें खास बातें…
ग्वालियर में प्रोजेक्ट के बारे में बताते ज्योतिरादित्य सिंधिया.
Gwalior News: ग्वालियर अब विकास की एक नई और तेज राह पर निकल चुका है. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को शहर के भविष्य को बदलने वाले दो बड़े प्रोजेक्ट्स का जमीनी निरीक्षण किया. इनमें पश्चिमी बाईपास (वेस्टर्न बाईपास) और ग्वालियर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास शामिल है. सिंधिया ने स्पष्ट किया कि ये परियोजनाएं ग्वालियर के लिए नई ‘लाइफलाइन’ साबित होंगी.
केंद्रीय मंत्री ने 29 किलोमीटर लंबे पश्चिमी बाईपास के निर्माण कार्य का जायजा लिया. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹1374 करोड़ है. यह 4-लेन का हाईवे ग्वालियर की आर्टरी के रूप में काम करेगा. यह प्रोजेक्ट जनवरी 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है. सिंधिया ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार व्यक्त किया.
ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव
ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे ₹5000 करोड़ की लागत वाली योजना है. यह 88 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला हाई-स्पीड डेडिकेटेड कॉरिडोर है. खास बात ये कि ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे जहां समाप्त होता है, वहां से मात्र 6 किमी की दूरी पर पश्चिमी बाईपास की शुरुआत होगी. पूर्वी एक्सप्रेसवे झांसी से जुड़ता है, जबकि यह पश्चिमी हिस्सा शिवपुरी से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.
पश्चिमी ग्वालियर का उदय और ‘साड़ा’ का सपना
सिंधिया ने बताया कि उनके स्व. पिता माधवराव सिंधिया ने ‘साड़ा’ (SADA) का गठन किया था. इसका उद्देश्य ग्वालियर को दिल्ली का ‘काउंटर मैग्नेट’ बनाना था. आज इसे ‘श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी’ के नाम से जाना जाता है. अब ग्वालियर का विकास केवल पूर्वी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. पश्चिमी क्षेत्र में ₹300 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनकर तैयार है. वहां ट्रिपल आईटीएम (ABV-IIITM) और कई सरकारी दफ्तर पहले ही स्थापित हैं.
22वीं सदी का अहसास कराएगा रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर के निर्माण कार्यों को बारीकी से देखा. अफसरों ने प्रेजेंटेशन के जरिए उन्हें आगामी योजना की जानकारी दी. सिंधिया ने कहा कि यह स्टेशन केवल 21वीं नहीं, बल्कि 22वीं सदी की जरूरतों को पूरा करेगा. इसमें ग्वालियर की संस्कृति, संस्कार और प्राचीन विरासत का सम्मान झलकेगा. यह आधुनिकता और वैभव का एक नया स्तंभ होगा.
बुलेट ट्रेन की रफ्तार से बढ़ेगा ग्वालियर
सिंधिया का मानना है कि जब 2028 तक ये प्रोजेक्ट्स पूरे हो जाएंगे, तब ग्वालियर की प्रगति किसी साधारण ट्रेन की तरह नहीं होगी. ग्वालियर विकास की पटरी पर शताब्दी या गतिमान की गति से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत में लाई गई ‘बुलेट ट्रेन’ की रफ्तार से आगे दौड़ेगा. ये परियोजनाएं औद्योगिक और शहरी विकास के उस बीज का परिणाम हैं, जो दशकों पहले बोया गया था और अब एक वट वृक्ष बन रहा है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें