100 से ज्यादा सालों के बाद MP में जंगली भैंसों की वापसी, क्यों मुफीद कान्हा टाइगर रिजर्व?

100 से ज्यादा सालों के बाद MP में जंगली भैंसों की वापसी, क्यों मुफीद कान्हा टाइगर रिजर्व?


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मध्य प्रदेश के बालाघाट के कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों को फिर से बसाने की पूरी तैयारी हो गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चार जंगली भैंसों को टाइगर रिजर्व में छोड़ा है. इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से दी है.

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एमपी में जंगली भैंसों की वापसी

Kanha Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के बालाघाट के कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों को फिर से बसाए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अभी चार भैंसों को यहां पर छोड़ा है, जो असम से लाए गए थे. कान्हा टाइगर रिजर्व जंगली भैंसों को फिर से बसाने के लिए एकदम सही और शांत वातावरण प्रदान करता है.

मध्य प्रदेश सरकार ने वन्यजीवों को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में सुपखार और टोपला जैसे क्षेत्रों में एशियाई जंगली भैंसों को बसाया गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उप वयस्क जंगली भैंसों को छोड़ा है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव मध्य प्रदेश और असम सरकारों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत का प्रतीक है, जिसका मकसद क्षेत्र के जंगलों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना है.

सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि आज बालाघाट के कान्हा टाइगर रिजर्व में असम से लाए गए 4 जंगली भैंसों को छोड़कर उनके पुनर्स्थापन अभियान का शुभारंभ किया. 100 सालों से अधिक समय के बाद मध्य प्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों का आगमन हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक अद्भुत अवसर है. कुल 50 जंगली भैंसों के पुनर्वास की योजना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विलुप्त प्रजातियों के वन्यजीवों को मप्र में वापस लेकर आ रही है. मैं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव तथा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा का इस अभियान में सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं.





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