7 पलटू क्रिकेटर जिन्होंने पहले किया संन्यास का ऐलान फिर बदल गए

7 पलटू क्रिकेटर जिन्होंने पहले किया संन्यास का ऐलान फिर बदल गए


Last Updated:

इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने शानदार खेल से नाम कमाने वाले कई ऐसे कई खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपनी बेइज्जती खुद ही कराई. पहले तो संन्यास लेने की घोषणा की और फिर इसे वापस लेकर खेलने उतरे. इस लिस्ट में पाकिस्तान के सबसे ज्यादा खिलाड़ी शामिल हैं. शाहिद अफरीदा, इमरान खान, जावेद मियांदाद ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद दोबारा खेलने का फैसला लिया था.

तमीम इकबाल ने बांग्लादेश के अफगानिस्तान से हारने के एक दिन बाद और 2023 वनडे वर्ल्ड कप से तीन महीने पहले इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. उन्होंने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने शानदार करियर को अलविदा कह दिया. लेकिन बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के हस्तक्षेप के बाद तमीम ने अपना फैसला बदल लिया.

1994 में टीम से बाहर होने के बाद पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. “नो मियांदाद, नो क्रिकेट” के नारे लगे और उस समय की प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने उन्हें दोबारा खेलने के लिए मनाया. मियांदाद मान गए, लेकिन 1996 में ही उन्होंने फिर से पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया.

केविन पीटरसन फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में से थे. जब उन्होंने 2012 वर्ल्ड टी20 से चार महीने पहले लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट से संन्यास लिया, तो इंग्लैंड क्रिकेट को झटका लगा. लेकिन 60 दिन के अंदर ही उन्होंने वापसी की बात कही और फिर आठ वनडे और एक टी20 इंग्लैंड के लिए खेले.

Add News18 as
Preferred Source on Google

अपने समय के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक कार्ल हूपर ने 32 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया. लेकिन 2001 में वेस्टइंडीज की लगातार हार के बाद उन्होंने वापसी की और न्यूजीलैंड, भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम की कप्तानी की. 2003 में उन्होंने फिर से संन्यास लिया.

भानुका राजपक्षे ने 2022 की शुरुआत में पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. उनके इस फैसले से श्रीलंका के खेल मंत्री नमल राजपक्षे खुश नहीं थे. दोनों के बीच बातचीत और चयनकर्ताओं से सलाह के बाद राजपक्षे ने फिर से देश के लिए खेलने की इच्छा जताई.

महान इमरान खान ने 1987 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद संन्यास लेने का फैसला किया था. लेकिन राष्ट्रपति जिया-उल-हक के कहने पर उन्होंने वापसी की. पांच साल बाद इमरान ने वर्ल्ड कप जीतकर क्रिकेट को अलविदा कहा.

2006, 2010, 2011, 2014 और 2017 में अफरीदी ने संन्यास लिया, और 2006, 2011 और 2016 में वापसी की. बार-बार संन्यास लेने के बावजूद अफरीदी आधुनिक क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहे. मैदान पर शायद ही कोई काम था जो अफरीदी नहीं कर सकते थे, और टीम में उनके लिए हमेशा जगह बनी रही.



Source link