भोपाल की परवलिया सड़क पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। दरअसल, 27 मार्च को ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई थी। इसके बाद की गई कार्रवाई संदेह के घेरे में है। दुर्घटना जिस ट्रैक्टर से हुई थी, उसकी जगह दूसरे ट्रैक्टर को जब्त कर उसके मालिक को सौंप दिया गया। इसकी शिकायत एसपी ग्रामीण रामशरण प्रजापति तक पहुंची है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 26 मार्च को सुबह साढ़े नौ बजे ग्राम रतनपुरा निवासी मनोज विश्वकर्मा की बाइक को फार्मट्रैक कंपनी के नीले रंग के ट्रैक्टर-ट्रॉली ने पीछे से टक्कर मार दी थी। ट्रैक्टर की टक्कर लगने से बाइक सवार मनोज सड़क पर गिर गया और ट्रैक्टर का पहिया उसके ऊपर से निकल गया। दुर्घटना के बाद फार्मट्रैक ट्रैक्टर भी सड़क से नीचे पलट गया। सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ ही कई राहगीरों ने घटनास्थल का वीडियो बनाया, जिसमें नीले रंग का फार्मट्रैक कंपनी का ट्रैक्टर सड़क से नीचे पलटा हुआ और ट्रैक्टर में लगी ट्रॉली सड़क पर खड़ी साफ दिखाई दे रही है। यह भी दिख रहा है कि ट्रैक्टर पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं डला है। इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया था, जिसकी जांच प्रधान आरक्षक गिरीश राठौर ने की। एक दिन बाद, 27 मार्च की शाम को पुलिस थाना परवलिया सड़क में अपराध क्रमांक 60/26 पर एफआईआर दर्ज की गई। इसमें मर्ग जांच में मृतक मनोज के भाई अभिषेक विश्वकर्मा के बयान के हवाले से नीले फार्मट्रैक कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 37 ज़ेडबी 8253 दर्ज कर दिया गया। असल ट्रैक्टर का बीमा नहीं था जिस व्यक्ति के नीले रंग के फार्मट्रैक कंपनी के ट्रेक्टर से एक्सीडेंट हुआ, उसके ट्रैक्टर का बीमा नहीं था। पुलिस द्वारा जब्त बताए गए रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 37 जेडबी 8253 पर दर्ज ट्रैक्टर फार्मट्रैक कंपनी का न होकर स्कॉर्ट कुबोटो कंपनी का है। जबकि एफआईआर में नीले रंग के फार्मट्रैक ट्रैक्टर से एक्सिडेंट की बात ही लिखी गई है। घटना में दिख रहे ट्रैक्टर की चार खास बातें 7 पॉइंट्स में समझें बदले गए ट्रैक्टर में फर्क थाना प्रभारी बोले- आरोप निराधार है परवलिया सड़क थाने के प्रभारी हरीशंकर वर्मा ने बताया कि तमाम आरोप निराधार हैं। उनके संज्ञान में है कि ट्रैक्टर बदले जाने संबंधी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक की गई है। जांच में सच सामने आ जाएगा।
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