राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे: मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है

राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:  मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; ई-सिगरेट बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है




PL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मंगलवार के मैच में वह ड्रेसिंग रूम में ‘ई सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। लाइव ब्रॉडकास्ट की यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो राजस्थान की बल्लेबाजी के 16वें ओवर का है। इसमें पराग ध्रुव जुरेल और यशस्वी जायसवाल की मौजूदगी में कथित तौर पर ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। What is this Riyan Parag !!!!Vaping on screen. Young fans watch everything our players do. Talent is unquestionable, but responsibility off the field matters just as much.#Cricket #RoleModel#RajasthanRoyals#HallaBol#RoyalsFamily#RR#IPL#PinkArmy#Royals pic.twitter.com/wWrMR4qJv3— Dinesh Marothi (@dkmarothi) April 28, 2026 भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है, उल्लंघन पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है रियान पराग का यह कृत्य गंभीर माना जा रहा है। भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा रखा है। उल्लंघन पर जुर्माने के साथ जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट और टीम कप्तान द्वारा सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना जा रहा है। BCCI सचिव से जवाब मांगा गया, सख्त कार्रवाई की उम्मीद इस मामले पर BCCI के सचिव देवजीत सैकिया से प्रतिक्रिया मांगी गई है। माना जा रहा है कि बोर्ड इसे गंभीरता से लेगा। एथलीट के लिए वेपिंग स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक है। यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन भी है, क्योंकि इसके तत्वों की स्पष्ट जानकारी नहीं होती। देश में यह प्रतिबंधित है और एलीट एथलीटों के लिए इसके सुरक्षा मानक तय नहीं हैं। BCCI इस मामले में कप्तान और फ्रेंचाइजी से जवाब तलब कर सकता है। राजस्थान रॉयल्स के साथ इस सीजन का दूसरा विवाद राजस्थान रॉयल्स इस आईपीएल सीजन में दूसरी बार प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर चर्चा में है। इससे पहले टीम के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए थे, जो पीएमओए (PMOA) प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। उस मामले में बीसीसीआई ने जांच के बाद मैनेजर पर जुर्माना लगाया था और चेतावनी दी थी। अब कप्तान का वीडियो सामने आने के बाद टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस और युवाओं पर असर की चिंता रियान पराग युवा पीढ़ी के रोल मॉडल माने जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वेपिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे खिलाड़ियों की फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) पर बुरा असर पड़ता है। भारत में वेपिंग गैर-कानूनी है, इसलिए बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना सकती है। जांच में दोष सिद्ध होने पर पराग पर मैच बैन या जुर्माना लगाया जा सकता है।



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