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Bhopal News: राजधानी भोपाल में प्रदेशभर से आए आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. कच्ची नौकरी को पक्की करने, कम वेतन बढ़ाने और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग को लेकर कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की.
आउटसोर्स कर्मचारियों का हल्ला बोल
भोपाल में आयोजित इस प्रदर्शन में अलग-अलग विभागों के हजारों आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हुए. कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो स्थायी नौकरी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही उचित वेतन मिल रहा है. मौजूदा समय में कई कर्मचारियों को बहुत कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है, जिससे उनके परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है.
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि उन्हें कम से कम 26 हजार रुपये का न्यूनतम वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान वेतन पर्याप्त नहीं है. इसके साथ ही कर्मचारियों ने ठेका प्रथा को पूरी तरह खत्म करने की मांग भी उठाई. उनका आरोप है कि ठेकेदारी व्यवस्था के कारण उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा मिलती है और न ही अन्य सुविधाएं.
पक्की नौकरी और 26 हजार न्यूनतम वेतन की मांग
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि लंबे समय से वे अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के सामने अपनी बात रख रहे हैं. अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इसी वजह से उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया और अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की.इस आंदोलन में प्रदेश के कई जिलों से कर्मचारी भोपाल पहुंचे, जिससे प्रदर्शन का असर और व्यापक नजर आया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.फिलहाल प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की बात कही जा रही है, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है.