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भोपाल STF ने बीकानेर से सुशीला गोधरा को गिरफ्तार किया है. वह जयपुर जेल में बंद मुख्य आरोपी जेपी डारा की सगी मौसी है और बाहर रेकी करने वालों को पैसे पहुंचाने के साथ जेल में मोबाइल जैसी प्रतिबंधित सुविधाएं मुहैया कराती थी.
सांकेतिक तस्वीर
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर कारोबारियों और रसूखदार लोगों को फोन पर धमकी देने के मामले सामने आ रहे थे. इस गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त करने में जुटी भोपाल STF को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर में दबिश देकर सुशीला गोधरा नामक महिला को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि सुशीला इस गैंग के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और फंडिंग नेटवर्क का हिस्सा थी. पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सुशीला गोधरा, इस गिरोह के मास्टरमाइंड और कुख्यात अपराधी जेपी डारा की सगी मौसी है. जेपी डारा वर्तमान में राजस्थान की जयपुर जेल में संगीन जुर्मों के तहत बंद है, लेकिन जेल की ऊंची दीवारें भी उसके आपराधिक मंसूबों को रोकने में नाकाम साबित हो रही थीं.
सुशीला गोधरा का मुख्य काम जेल में बंद अपने भांजे जेपी डारा और बाहरी दुनिया के बीच कनेक्शन बनाए रखना था. वह न केवल डारा से नियमित संपर्क में थी, बल्कि जयपुर जेल में बंद डारा को मोबाइल फोन सहित कई अन्य सुविधाएं भी अवैध तरीके से मुहैया करवाती थी. STF की जांच में यह भी पता चला है कि जेल के भीतर से ही जेपी डारा इन मोबाइल फोन्स का इस्तेमाल कर मध्यप्रदेश के व्यापारियों को धमकाने का निर्देश देता था. सुशीला गोधरा की भूमिका केवल जेल के भीतर सुविधाएं पहुंचाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह इस पूरे सिंडिकेट के लिए बाहर रहकर एक ऑपरेशनल हेड की तरह काम कर रही थी. जेपी डारा के कहने पर वह बाहर सक्रिय उन गुर्गों को रकम पहुंचाती थी, जो टारगेट की रेकी करते थे, उनके घर-दफ्तर के वीडियो बनाते थे और फोन पर धमकी देते थे.
भोपाल STF की टीम सुशीला को हिरासत में लेकर अब आगे की पूछताछ कर रही है. पुलिस को अंदेशा है कि सुशीला के पास से कुछ और बड़े सुराग मिल सकते हैं. हालांकि, यह एक जांच का विषय है कि जयपुर जेल जैसी सुरक्षित जगह पर सुशीला ने किन लोगों की मदद से जेपी डारा तक मोबाइल और दूसरी सुविधाएं पहुंचाईं? इस मामले में आगे की कार्रवाई जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है. STF का मानना है कि सुशीला की गिरफ्तारी के बाद अब इस गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान होगा. पुलिस उन सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जो सुशीला के माध्यम से डारा के संपर्क में थे. पूछताछ में आने वाले समय में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारियां भी तय मानी जा रही हैं.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें