भज्जी पंजाब के रहवासी नहीं…सिक्योरिटी हटाई तो कोर्ट में किसने कही ये बात?

भज्जी पंजाब के रहवासी नहीं…सिक्योरिटी हटाई तो कोर्ट में किसने कही ये बात?


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भज्जी पंजाब के रहवासी नहीं…सिक्योरिटी हटाई तो कोर्ट में किसने कही ये बात?

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Harbhajan Singh Security Controversy: राघव चड्ढा के साथ आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सिक्योरिटी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. पंजाब सरकार ने भज्जी को दी गई सिक्योरिटी वापस ले ली थी, जिसके बाद उनकी ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी.

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हरभजन सिंह की सिक्योरिटी पर हाईकोर्ट में क्या दलील दी गई

नई दिल्ली: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पूर्व क्रिकेटर से सांसद बने हरभजन सिंह की याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिका में भज्जी ने अपनी सुरक्षा वापस लेने को चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि यह राजनीतिक बदले की भावना और उचित प्रक्रिया का उल्लंघन है. याचिका में 25 अप्रैल 2026 के उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसके तहत हरभजन की सुरक्षा कथित तौर पर बिना किसी कारण के वापस ले ली गई थी.

हरभजन पंजाब के रहवासी नहीं- राज्य सरकार
पंजाब के एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी ने बताया कि हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं और याचिका के साथ दायर हलफनामा भी महाराष्ट्र में सत्यापित है. न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने कोई अंतरिम राहत दिए बिना राज्य को नोटिस जारी किया और मामले को 12 मई के लिए सूचीबद्ध किया. उन्होंने राज्य से यह सुनिश्चित करने को कहा कि हरभजन सिंह या उनके परिवार को कोई शारीरिक नुकसान न पहुंचे.

आम आदमी पार्टी छोड़ते ही सरकार ने वापस ली सुरक्षा
राज्यसभा के मौजूदा सांसद हरभजन सिंह ने तर्क दिया कि राज्य की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उचित समीक्षा के बाद मई 2022 में सुरक्षा प्रदान की गई थी, उन्होंने कहा कि सुरक्षा अचानक वापस ली गई और यह उनके आम आदमी पार्टी छोड़ने के फैसले के साथ हुई. यह सुझाव देते हुए कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित था. मामले की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए, याचिकाकर्ता ने बताया कि सुरक्षा हटाए जाने के तुरंत बाद, कथित तौर पर एक भीड़ ने जालंधर स्थित उनके आवास पर हमला कर दिया.

सिक्योरिटी हटाने के बाद हमले का किया दावा
यह भी आरोप लगाया गया कि स्थानीय पुलिस घटना के दौरान प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने में विफल रही. याचिका के अनुसार अगले दिन स्थिति और बिगड़ गई, जिसके कारण गृह मंत्रालय को हस्तक्षेप करना पड़ा और उसने सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ कर्मियों को तैनात किया. हालांकि, राज्य द्वारा प्रदान की गई मूल सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं की गई है. याचिकाकर्ता ने 28 अप्रैल 2026 को अधिकारियों को सुरक्षा बहाल करने के लिए एक आवेदान पर भी भरोसा किया, जिस पर दावा किया गया है कि कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

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Anshul TalmaleDeputy News Editor

अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. यहां स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल डायरेक्शन एंड स्ट्रेटजी मेकिंग का रोल संभाल रहे अ…और पढ़ें



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