दमोह जिले में शुक्रवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी के साथ हुई करीब एक घंटे की झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन आंधी की वजह से कई जगह नुकसान भी हुआ। ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दमोह की ऑफिसर्स कॉलोनी में एक बड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ अधिकारियों की गाड़ियों पर जा गिरा। गनीमत रही कि गाड़ियों के ऊपर टीन शेड लगा था, जिसकी वजह से वे टूटने से बच गईं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घरों के छप्पर उड़े, बिजली हुई गुल जिले के जबेरा ब्लॉक के बनवार और खमरिया इलाकों में तूफान ने काफी तबाही मचाई। तेज हवा की वजह से कई घरों के टीन शेड और छप्पर उड़ गए। तूफान के कारण बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई, जिससे पूरे इलाके में अंधेरा छा गया और लोग परेशान होते रहे। बस स्टैंड पर पेड़ गिरने से थमा ट्रैफिक तूफान का सबसे ज्यादा असर बनवार बस स्टैंड पर दिखा, जहां एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया। इसकी वजह से सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। बाद में गांव वालों ने खुद कुल्हाड़ी उठाकर पेड़ को काटा और रास्ता साफ किया, तब जाकर ट्रैफिक शुरू हो पाया। बाल-बाल बचे लोग बनवार चौकी के पास एक दुकान के सामने और खमरिया के हनुमान मंदिर के पास पुजारी की झोपड़ी पर भी पेड़ गिरने की खबरें आईं। राहत की बात यह रही कि इन हादसों में किसी को चोट नहीं आई। बनवार से खमरिया तक करीब आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश और हवा का दौर चलता रहा। वहीं रोड बम्होरी इलाके में आंधी का असर थोड़ा कम रहा, जिससे वहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
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