Last Updated:
धार में हुए भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया. ओवरलोड पिकअप, टायर फटना और सड़क इंजीनियरिंग की खामियां इस त्रासदी की वजह बनीं. गांवों में एक साथ कई चिताएं जलीं. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है और क्या ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं.
धार हादसे के बाद गांवों में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है.
धार. जिले में इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर हुआ भीषण हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई स्तरों पर हुई लापरवाही की दर्दनाक कहानी बन गया है. एक पिकअप वाहन में ठूंसे गए मजदूर, तेज रफ्तार, टायर फटना और सड़क की खामियां-इन सभी ने मिलकर 16 जिंदगियां छीन लीं थीं. हादसे के बाद गांवों में पसरा सन्नाटा और एक साथ जली चिताएं कि श्मशान में जगह कम पड़ गई. अब गांव वालों का एक ही सवाल है कि आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? ग्रामीणों का कहना है कि परिवारों में रोजी कमाने वाले का संकट आ गया है? छोटे बच्चे और बूढे माता-पिता की देखभाल कौन करेगा?
ग्रामीणों का कहा है कि यह हादसा केवल एक ड्राइवर की गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की कई परतों में मौजूद लापरवाही का नतीजा है. ओवरलोडिंग पर कार्रवाई न होना, सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी और समय पर चेतावनी संकेतों का अभाव-ये सभी कारक मिलकर इस त्रासदी की वजह बने. जब एक ही परिवार के कई सदस्य एक साथ अंतिम यात्रा पर निकलें, तो यह सिर्फ हादसा नहीं रहता, बल्कि व्यवस्था पर सवाल बन जाता है.
ओवर लोडिंग पिकअप का टायर फटा
बताया गया कि मजदूरों से भरा पिकअप वाहन अमझेरा की ओर जा रहा था. वाहन में 35 से 40 लोग सवार थे. अचानक टायर फटने से वाहन अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर पर चढ़कर कई बार पलटा. इसके बाद दूसरी ओर जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया. इस हादसे में 16 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. 25 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों का इलाज इंदौर और धार के अस्पतालों में जारी है.
सेमलीपुरा, नयापुरा और रामपुर गांवों में पसरा मातम
सेमलीपुरा, नयापुरा और रामपुर गांवों में एक साथ कई चिताएं जलीं. नयापुरा में एक ही परिवार के 8 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया. कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला. पूरे इलाके में चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा रहा. प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है. ओवरलोडिंग के बावजूद वाहन को रोका नहीं गया. पुलिस और आरटीओ की निगरानी पर सवाल उठे हैं.
सड़क इंजीनियरिंग पर सवाल, NHAI की भूमिका
घटनास्थल पर न तो पर्याप्त संकेतक बोर्ड थे और न ही स्पीड कंट्रोल के उपाय. डिवाइडर की डिजाइन भी सवालों के घेरे में है. अधिकारियों ने माना कि सड़क इंजीनियरिंग में खामियां हादसे की बड़ी वजह हो सकती हैं. हाईवे निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी National Highways Authority of India की होती है. ऐसे में सड़क डिजाइन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
जांच के आदेश और एजेंसियों को नोटिस से क्या?
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. जांच के आदेश दिए गए हैं. संबंधित एजेंसियों को नोटिस भेजे जाने की बात कही गई है. सिसकते ग्रामीणों ने कहा है कि ओवरलोडिंग, खराब सड़क डिजाइन और निगरानी की कमी एक साथ मिलकर कितनी बड़ी त्रासदी पैदा कर सकते हैं. यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद 16 जिंदगियां बचाई जा सकती थीं.
About the Author
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें