बुरहानपुर। ताप्ती सेवा समिति ने जबलपुर के बरगी बांध पर हुए क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। समिति के सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। समिति ने इस घटना को व्यवस्थागत विफलता का परिणाम बताया है। सदस्यों ने कहा कि दुर्घटना स्थल दूरस्थ क्षेत्र नहीं था, फिर भी समय पर प्रभावी बचाव दल और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण कई जिंदगियां नहीं बचाई जा सकीं। बचाव कार्य के दौरान एक मां का शव मिला था, जिसने अपने छोटे बेटे को सीने से लगाया हुआ था। समिति ने जल पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन व्यवस्थाएं केवल औपचारिकता बनकर रह गई हैं और हादसे के समय तत्काल सक्रिय होने वाली रेस्क्यू टीम क्यों उपलब्ध नहीं थी। ताप्ती सेवा समिति ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सभी जल पर्यटन स्थलों पर सख्त सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। प्रत्येक क्रूज और नाव में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। समिति ने आपात स्थिति में तुरंत कार्य करने वाली रेस्क्यू टीम और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष सरिता भगत, कविता चौहान, बसंती बाई यादव, फुनो यादव, किशन चौहान, अजय राठौर, पुनीत साकले, भूपेंद्र जूनागढे, विनय पुनीवाला, मनोज कानूगो, मनोज गुप्ता और विवेक हकीम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
Source link