मजदूर दिवस पर सैकड़ों मजदूर-कर्मचारियों का प्रदर्शन: लाल झंडों के बीच श्रम कानून बचाने का संकल्प; नई श्रम संहिताओं के खिलाफ हुंकार – Bhopal News

मजदूर दिवस पर सैकड़ों मजदूर-कर्मचारियों का प्रदर्शन:  लाल झंडों के बीच श्रम कानून बचाने का संकल्प; नई श्रम संहिताओं के खिलाफ हुंकार – Bhopal News




भोपाल में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर शुक्रवार शाम सैकड़ों मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि सड़कों पर उतरे। लाल झंडों, बैनर-पोस्टरों और इंकलाबी नारों के बीच श्रमिकों ने श्रम कानूनों की रक्षा का संकल्प लिया और केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। मई दिवस समारोह समिति भोपाल के आह्वान पर राजधानी के विभिन्न श्रमिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों मजदूर, कर्मचारी, अधिकारी और कामगार शाम 5 बजे जहांगीराबाद स्थित नीलम पार्क में एकत्रित हुए। कार्यक्रम में एटक, सीटू, एआईयूटीयूसी, बैंक, बीमा, बीएसएनएल, मेडिकल रिप्रजेंटेटिव, पेंशनर्स एसोसिएशन, हम्माल मजदूर सभा, आंगनवाड़ी, किसान, महिला, छात्र और नौजवान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इंकलाबी नारों से गूंजा परिसर कार्यक्रम के दौरान “दुनिया के मेहनतकशों एक हो”, “शिकागो के अमर शहीदों को लाल सलाम” और “अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। लाल झंडों, पोस्टरों, बैनरों और प्लेकार्ड्स से सजा स्थल आकर्षण का केंद्र बना रहा। पार्क परिसर में निकाली रैली प्रदर्शन के बाद नीलम पार्क परिसर में ही रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों और कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली के बाद सभा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। शिकागो के शहीदों को किया याद वक्ताओं ने कहा कि दुनिया भर के श्रमिक मई दिवस की 140वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर शिकागो के हेमार्केट आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए कहा गया कि उनके संघर्ष और बलिदान से श्रमिकों को कई अधिकार मिले, जिनकी रक्षा करना आज सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नई श्रम संहिताओं पर उठाए सवाल सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताओं पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि नई लेबर कोड्स श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों के लंबे संघर्ष से मिले अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हैं, जिससे यूनियन बनाना कठिन होगा और श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। रोजगार और सार्वजनिक क्षेत्र बचाने की मांग वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र रोजगार का बड़ा आधार है, लेकिन सरकारी नीतियों से सार्वजनिक संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है। इससे युवाओं के रोजगार के अवसर घट रहे हैं। संघर्ष जारी रखने का संकल्प सभा के अंत में श्रमिक नेताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी और श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। सभा को वीके शर्मा, एसएस मौर्य, प्रमोद प्रधान, विनोद लोगरिया, यशवंत पुरोहित, दीपक रत्न शर्मा, संजय मिश्रा और आरजी पांडे सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।



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