मक्का-मदीना की रुबात को लेकर चल रहे विवाद में अब मामला कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। सिकंदर हफीज खान की ओर से आरिफ मसूद को 150 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा गया है। नोटिस सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से 1 मई 2026 को जारी किया गया। नोटिस में
.
बयानों से प्रतिष्ठा को नुकसान का दावा नोटिस के अनुसार, इन कथित बयानों से हफीज की सामाजिक और पेशेवर साख को ठेस पहुंची है। यह भी कहा गया कि ऐसे आरोप जानबूझकर लगाए गए, ताकि उनकी छवि आम जनता के बीच खराब हो। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि का अपराध है, जिसमें दो साल तक की सजा, जुर्माना या सामुदायिक सेवा का प्रावधान है।
150 करोड़ रुपए हर्जाने की मांग नोटिस में कहा गया है कि इन बयानों से मानसिक पीड़ा, सामाजिक उपहास और प्रतिष्ठा की क्षति हुई है। इसी आधार पर 150 करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किया गया है। नोटिस के जरिए विधायक से मांग की गई है कि वे 7 दिनों के भीतर लिखित और उसी माध्यम से बिना शर्त माफी मांगें, जिस माध्यम से कथित बयान दिए गए थे।
बयान हटाने और आगे रोक की मांग इसके साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से सभी कथित आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और भविष्य में ऐसे बयान न देने की भी मांग की गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर सिकंदर हफीज की ओर से सिविल और आपराधिक दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन्हीं बयानों पर नोटिस विधायक आरिफ मसूद ने हाल ही में रुबात मामले को लेकर बयान देते हुए कहा था कि हाजियों को पिछले कई वर्षों से रुबात नहीं मिल रही और इसमें “सबसे बड़ा रोल सिकंदर हफीज और सबा” का है। उन्होंने यह भी कहा था कि जांच नहीं हुई तो FIR कराई जाएगी। इन्हीं बयानों को आधार बनाकर अब मानहानि का नोटिस भेजा गया है।

शहर के आम लोग भी लगातार इस मामले में कर रहे प्रदर्शन।
विधायक ने क्या कहा था विधायक मसूद ने कहा कि हमारी कई बार मक्का और मदीना की रुबात के मामले में सिकंदर हफीज साहब के घर पर मीटिंग हो चुकी है। जिसमें उन्ंहोने हमसे कमेटी बनाकर जल्द ही रुबात शुरू कराने का यकीन दिलाया था, लेकिन आज तक रुबातों का कोई मसला हल नहीं हो सका और हर साल हाजी रुबात मिलने की उम्मीद में रहते हैं। बावजूद उन्हें रुबात नहीं मिल पाती। जिस वजह से हाजी बहुत ही परेशानी का सामना कर रहे हैं। वक्फ की मंशा के मुताबिक हाजियों को मक्का और मदीना में ठहरने के लिए रुबात बनाई गई थी। ताकि रियासतें भोपाल के हाजी साहेबान को वहां ठहरने में किसी तरह की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान के बाद मैं समझता हूं कि वक्फ बोर्ड को तुरंत सबा अली और सिकंदर हफीज पर एफआईआर दर्ज कराएं, क्योंकि सिकंदर हफीज कई बार बातों-बातों में यह बात कह चुके हैं कि मुझे किसी से कोई लेना-देना नहीं है। मैं तो दुबई शिफ्ट हो रहा हूं। वे कभी भी दुबई शिफ्ट हो जाएंगे। मुतवल्लिया सबा अली खान पटौदी और सिकंदर हफीज ने भोपाल के हाजियों के साथ धोखाधड़ी की है। इन पर पुलिस प्रकरण दर्ज कर इनके पासपोर्ट भी जब्त किए जाए।
मसूद बोले- हाजियों के हक के लिए जवाब दूंगा
विवाद पर आरिफ मसूद ने कहा कि वे नोटिस का पूरी तरह जवाब देंगे। उनका कहना है, मैंने गलत क्या किया है? पिछले छह साल से भोपाल के हाजी रुबात में नहीं ठहर पा रहे हैं, जबकि उन्हें मुफ्त ठहरना था और वे पैसा भरने को मजबूर हैं। अगर इस बारे में सवाल उठाना और कार्रवाई की मांग करना गुनाह है, तो मैं हाजियों के लिए एक लाख बार भी सजा भुगतने को तैयार हूं। ये खबर भी पढ़ें…
मैंने कोई धोखाधड़ी नहीं की’, सिकंदर हफीज का दावा

मक्का-मदीना की रुबात को लेकर जारी विवाद के बीच सिकंदर हफीज खान ने सामने आकर अपनी बात रखी और अपने ऊपर लगे धोखाधड़ी के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि क्या भाई मैंने धोखाधड़ी करी है क्या? मेरी क्या रेपुटेशन धोखाधड़ी की है? मैं क्या बेईमान हूं, जो मेरे ऊपर ऐसे इल्जाम लगाए जा रहे हैं। बता दें कि मिस्टर सिकंदर हफीज खान चेयरमैन, रिलायबल ग्रुप एवं वरिष्ठ सदस्य हैं औकाफ-ए-शाही के।पढ़ें पूरी खबर