जैकेट पर्याप्त..क्या था वो ‘क्लोन’ जिसने मचाई तबाही! बरगी डैम हादसे में खुलासा

जैकेट पर्याप्त..क्या था वो ‘क्लोन’ जिसने मचाई तबाही! बरगी डैम हादसे में खुलासा


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बरगी डैम की लहरों पर सवार होकर सैलानी सुनहरे पलों को जीने निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में वही सफर उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा. जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर दिया है. जहां कल तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहीं आज सन्नाटा, चीखें और मातम पसरा हुआ है. लोकल 18 की टीम जब उस ‘डेथ स्पॉट’ पर पहुंची, तो वहां का मंजर किसी डरावने सपने से कम नहीं था.

जबलपुर. बरगी डैम की लहरों पर जो सैलानी सुनहरे सपने लेकर सवार हुए थे, उन्हें क्या पता था कि चंद लम्हों बाद मौत उनके सामने खड़ी होगी. जबलपुर में हुए क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. जहां हादसे के दौरान क्रम में 35 से ज्यादा टूरिस्ट सवार थे जिसमें 28 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन 13 लोगों की मौत हो गई. लोकल 18 की टीम जब उस ‘डेथ स्पॉट’ पर पहुंची, जहां कल तक खुशियां थी और आज सिर्फ मातम, चीखें और मलबे का ढेर पड़ा हुआ था. हमने मध्यप्रदेश टूरिज्म के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा से भी बातचीत की जिन्हें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यालय अटैच कर जांच बैठाई हैं.

बरगी बांध के तट पर जब हमारी टीम पहुंची, तो नजारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था. पानी से बाहर निकाला गया क्रूज अब महज लोहे और फाइबर का एक बेजान ढांचा है. वह क्रूज, जो कल तक शान से लहरों को चीरता था, आज जमीन पर औंधे मुंह पड़ा है. क्रूज की खिड़कियां टूटी हुई हैं, छत पूरी तरह पिचक चुकी है और अंदर का फर्नीचर तितर-बितर पड़ा है. देखिए ये रिपोर्ट.

एक्सक्लूसिव खुलासा… पन्नियों में कैद रही ‘जिंदगी’
ग्राउंड जीरो पर पड़ताल के दौरान लोकल 18 के कैमरे में एक ऐसी तस्वीर कैद हुई, जो प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है. क्रूज के मलबे के भीतर कई लाइफ जैकेट वैसी की वैसी ही रखी मिलीं, जैसी वे फैक्ट्री से आई थीं, यानी प्लास्टिक की पन्नियों में पैक. यह सबसे बड़ी लापरवाही है. जब क्रूज डूबने लगा और मौत सामने खड़ी थी, तब यात्रियों को पन्नी पैक लाइफ जैकेट बांटी जा रही थी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. लेकिन रीजनल मैनेजर का कहना है शायद एक या दो लाइफ जैकेट ही पन्नी में पैक होगी.

रीजनल मैनेजर का दावा, जैकेट पर्याप्त थी….फिर क्यों मची अफरा-तफरी
रीजनल मैनेजर का दावा है कि जैकेट पर्याप्त थीं, लेकिन ग्राउंड जीरो की ये तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि जैकेट सिर्फ गिनती पूरी करने के लिए थीं, जान बचाने के लिए नहीं. जहां सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, क्रूज धीरे-धीरे पानी भरता हुआ नजर आ रहा है. अफरा-तफरी का माहौल हैं और चीख-पुकार मची हुई है. इतना ही नहीं फ्रेश पन्नियों से लाइफ जैकेट निकालकर टूरिस्टों को बांटा जा रहा है. इतना ही नहीं एक मां अपने बच्ची को एक ही लाइफ जैकेट में पहनकर बैठी हुई है और क्रूज में सवार सभी लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं.

क्या था वो ‘क्लोन’ जिसने मचाई तबाही…?
एमपी टूरिज्म के क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि अचानक आए ‘क्लोन’ ने क्रूज को अनियंत्रित कर दिया. लेकिन सवाल यह है कि जब आसमान में बादल थे और मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था, तो क्रूज को मझधार में ले जाने की अनुमति किसने दी? क्या चंद रुपयों के टिकट के लालच में सुरक्षा को दरकिनार कर दिया गया? जहां रीजनल मैनेजर प्रशासन की गलतियों को छुपाते हुए नजर आए और मौसम पर अपनी गलतियों का ठीकरा फोड़ दिया.

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Mohd Majid

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