सीधी में रात रुकने की अब टेंशन नहीं, ये जगह एकदम फ्री, होटल जैसी सुविधाएं, 5 रुपये में खान

सीधी में रात रुकने की अब टेंशन नहीं, ये जगह एकदम फ्री, होटल जैसी सुविधाएं, 5 रुपये में खान


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Sidhi News: सीधी में एक ऐसी सुविधा मौजूद है, जहां बिना एक भी पैसा खर्च किए सुरक्षित और आरामदायक तरीके से रात बिताई जा सकती है. यह सुविधा नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित रैन बसेरा में उपलब्ध है, जो अस्पताल चौराहा स्थित सीएमएचओ कार्यालय के पास बना हुआ है.

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Sidhi News. मध्य प्रदेश के सीधी छोटे शहर में बाहर से आने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी ठहरने की व्यवस्था होती है. खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आने वाले छात्र या किसी जरूरी काम से शहर में रुकने वाले लोग बस स्टैंड के आसपास महंगे होटलों की मनमानी से परेशान रहते हैं. यहां एक साधारण बेड के लिए ₹500 से लेकर ₹2000 तक वसूले जाते हैं, जबकि सुविधाओं की कोई गारंटी नहीं होती. ऐसे में सीमित बजट वाले लोगों के लिए शहर में रुकना किसी चुनौती से कम नहीं है.

लेकिन, अब ऐसे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. सीधी में एक ऐसी सुविधा मौजूद है, जहां बिना एक भी पैसा खर्च किए सुरक्षित और आरामदायक तरीके से रात बिताई जा सकती है. यह सुविधा नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित रैन बसेरा में उपलब्ध है, जो अस्पताल चौराहा स्थित सीएमएचओ कार्यालय के पास बना हुआ है. रैन बसेरा के केयरटेकर अजीत सिंह ने लोकल 18 को बताया, यहां ठहरना फ्री है. सिर्फ एक पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड की फोटोकॉपी और मोबाइल नंबर देना होता है. इसके बाद कोई भी यहां आसानी से ठहर सकता है.

यहां इतनी सुविधाएं
सुविधाओं की बात करें तो यह रैन बसेरा किसी होटल से कम नहीं है. यहां हर व्यक्ति के लिए अलग सिंगल बेड, तकिया, चादर की व्यवस्था है. गर्मी से बचने के लिए कलर और पंखे लगाए गए हैं. कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए हर बेड के पास लॉकर भी उपलब्ध है. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है, साथ ही स्नानघर और शौचालय की बेहतर व्यवस्था मौजूद है. गर्मी को देखते हुए ठंडे पानी के लिए फ्रीजर और आरओ सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा पारंपरिक मटकों का पानी भी रखा गया है। मनोरंजन के लिए कलर टीवी और पढ़ाई के लिए छोटी लाइब्रेरी की सुविधा भी दी गई है.

5 रुपये में भोजन
रैन बसेरे में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए अलग-अलग कमरे संचालित है. पुरुषों के लिए 16 बेड हैं, जबकि महिलाओं के लिए 6 बेड की सुरक्षित व्यवस्था की गई है. महिलाओं के लिए अलग कमरे, शौचालय और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है. साथ ही पास में ही दीनदयाल रसोई योजना संचालित होती है, जहां मात्र 5 रुपए में भोजन मिल जाता है, जो जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत है. अजीत सिंह के अनुसार, यहां रोजाना 8-10 लोग ठहरते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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