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मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत मौसम के बड़े बदलाव के साथ हुई है. तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. 30 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने नुकसान भी पहुंचाया है. मौसम विभाग ने 27 जिलों में अलर्ट जारी किया है और 6 मई तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है.
मध्य प्रदेश में बारिश और धू भरी तेज आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा.
जबलपुर. मध्य प्रदेश में बिगड़े मौसम का कहर देखने को मिल रहा है. भीषण गर्मी के बीच आंधी-तूफान और बारिश ने मुसीबत खड़ी कर दी है. फसल और खास तौर पर खुले में रखा गेहूं भीग रहा है तो तेज हवाओं ने भी असर डाला है. अगले तीन दिनों तक प्रदेश के 27 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में दो ट्रफ लाइन सक्रिय हैं. एक उत्तर भारत से जुड़ी है और दूसरी मध्य भारत से गुजर रही है. इनकी वजह से नमी बढ़ी है. यही कारण है कि तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है. विभाग ने साफ कहा है कि 6 मई तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा. कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत इस बार मौसम के बड़े बदलाव के साथ हुई है, जहां भीषण गर्मी के बीच तेज आंधी और बारिश ने पूरे प्रदेश का मौसम बदल दिया है. शनिवार को भोपाल सहित 20 से ज्यादा जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिसके साथ कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि भी दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति सामान्य नहीं है और प्रदेश में सक्रिय दो ट्रफ लाइनों के कारण मौसम में यह अस्थिरता बनी हुई है. यही वजह है कि गर्मी के चरम समय में भी अचानक मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने लोगों को राहत के साथ-साथ चिंता में भी डाल दिया है.
27 जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं ने बरपाया कहर
रविवार को भी मौसम का यह रुख बरकरार रहने वाला है और प्रदेश के 27 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इनमें ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, छतरपुर, सतना और सिंगरौली जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है. पिछले 24 घंटों में कई जिलों में तेज आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया है. भोपाल में 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने कई जगह नुकसान पहुंचाया, जबकि रायसेन में वेयरहाउस की छत उड़ गई और सीहोर में खुले में रखी फसल भीग गई. यह घटनाएं बताती हैं कि मौसम का यह बदलाव सिर्फ राहत नहीं, बल्कि जोखिम भी लेकर आया है.
प्रदेश में आंधी-बारिश का असर और नुकसान
शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश ने असर दिखाया. भोपाल, शिवपुरी और गुना में तेज बारिश हुई. राजगढ़ और रायसेन में हवाओं की रफ्तार अधिक रही. कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं. बालाघाट में एक पेड़ बाइक पर गिर गया, जिससे नुकसान हुआ. सीहोर में किसानों की फसल भीग गई. यह स्थिति ग्रामीण इलाकों में ज्यादा गंभीर दिखी.
मई में बदला मौसम का ट्रेंड
आमतौर पर मई में भीषण गर्मी पड़ती है. तापमान 45 डिग्री के पार जाता है. लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है. महीने की शुरुआत ही आंधी और बारिश से हुई है. पिछले वर्षों के आंकड़े भी बताते हैं कि मई में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. 2014 से 2023 के बीच हर साल बारिश दर्ज हुई है.
मौसम ने बदला रुख, गर्मी के साथ बारिश का पैटर्न
भोपाल में गर्मी और बारिश दोनों का ट्रेंड दिखता है. यहां तापमान 46.7 डिग्री तक जा चुका है. इंदौर में भी 46 डिग्री से अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ है. ग्वालियर सबसे गर्म शहरों में शामिल है, जहां 48.3 डिग्री तक तापमान पहुंचा. जबलपुर और उज्जैन में भी गर्मी के साथ बारिश का पैटर्न बना रहता है. यह संकेत देता है कि प्रदेश में मौसम का व्यवहार लगातार बदल रहा है.
मध्य प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ऐसा रहा मौसम का हाल
भोपाल : तेज आंधी और बारिश ने गर्मी से राहत दी. 50 किमी/घंटा तक हवाएं चलीं, कई जगह नुकसान भी हुआ.
ग्वालियर: प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल ग्वालियर में भी मौसम बदला. तेज हवाओं के साथ बारिश और बादल छाए रहे.
इंदौर : इंदौर में उमस के बीच बादल छाए और बौछारें गिरीं. मौसम में बदलाव से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हुई.
जबलपुर : जबलपुर में आंधी-बारिश का असर साफ दिखा. हालिया हादसे के बाद प्रशासन मौसम को लेकर अलर्ट पर है.
उज्जैन : उज्जैन में गर्मी के बीच बादल छाए और हल्की बारिश हुई. मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें