शाम को एग्जाम सेंटर से अस्पताल पहुंची छात्रा।
भिंड में रविवार को आयोजित NEET परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मैच न होने पर एक छात्रा परीक्षा नहीं दे सकी। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई। ग्वालियर निवासी सौम्या सिद्धार्थ एमजीएस कॉलेज केंद्र पर परीक्षा देने पहुंची थी।
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दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद छात्रा ने करीब आधे घंटे तक प्रश्नपत्र हल किया। इसी दौरान ड्यूटी स्टाफ ने बायोमेट्रिक सत्यापन शुरू किया, लेकिन फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो पाए।
बताया गया कि छात्रा के हाथ में पहले से चोट थी, जिसके कारण उसकी उंगलियों के निशान मशीन में दर्ज नहीं हो सके। कई बार प्रयास के बावजूद सत्यापन नहीं हुआ, जिसके चलते उसे परीक्षा से रोककर हॉल से बाहर कर दिया गया। हालांकि, उसे केंद्र परिसर में ही बैठाए रखा गया।
तनाव में बेहोश हुई छात्रा
घटना के बाद छात्रा तनाव में आ गई और कुछ देर बाद बेहोश होकर गिर पड़ी। शाम करीब 5 बजे परीक्षा खत्म होने के बाद उसे बाहर निकाला गया। बाहर मौजूद छात्रा के चाचा को जानकारी मिलने पर उन्होंने केंद्र पर हंगामा किया। परिजन छात्रा को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे ग्वालियर रेफर किया गया।
मेडिकल होने के बावजूद नहीं दी राहत
परिजनों का आरोप है कि छात्रा के पास हाथ की चोट का मेडिकल प्रमाण पत्र था, इसके बावजूद केंद्र प्रबंधन ने कोई राहत नहीं दी। मामले की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस पहुंची। परिजनों ने प्रशासन से शिकायत करने की बात कही है। वहीं, केंद्र प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।