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PIB Fact Check: हाल ही में पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक बड़े साइबर स्कैम को लेकर लोगों को अलर्ट किया है. इस स्कैम में ठग SMS और वाट्सऐप के जरिए लोगों को ऐसे मैसेज भेज रहे हैं जिनमें दावा किया जाता है कि उनका ट्रैफिक चालान पेंडिंग है.. इन मैसेज में दिए गए लिंक बिल्कुल असली सरकारी वेबसाइट जैसे दिखते हैं, जिससे आम लोग आसानी से धोखा खा जाते हैं.
PIB ने वायरल दावे को गलत बताया.
PIB Fact Check: डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां सरकारी सुविधाएं ऑनलाइन हुई हैं, वहीं साइबर क्रिमिनल ने भी ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर लिए हैं. ताजा मामला ट्रैफिक ई-चालान (e-Challan) से जुड़ा है. हाल ही में सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक अहम चेतावनी जारी करते हुए लोगों को फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज को लेकर अलर्ट किया है.
पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, स्कैमर्स आम लोगों को एसएमएस या वाट्सऐप के जरिए मैसेज भेज रहे हैं. इन मैसेज में दावा किया जाता है कि आपका ट्रैफिक चालान पेंडिंग है और इसे तुरंत भरने की जरूरत है. ये मैसेज देखने में बिल्कुल आधिकारिक लगते हैं, जिससे लोग डर या जल्दबाजी में जाल में फंस जाते हैं. स्कैमर्स इन मैसेज के साथ संदिग्ध लिंक, एपीके (APK) फाइलें या पीडीएफ (PDF) अटैचमेंट भेज रहे हैं. जैसे ही कोई यूजर इन लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक हो सकता है या उसके डिवाइस में मैलवेयर (Malware) इंस्टॉल हो जाता है.
🚨 Got an SMS saying your traffic challan is pending⁉️
🫸STOP! Verify first🔍
Scammers are sending #fake RTO e-challan links, APKs & PDFs via SMS/WhatsApp that look official.⚠️Clicking such links can compromise your OTPs and lead to unauthorised bank/UPI transactions.