70KM की रफ्तार से महातूफान, 11 राज्यों में आंधी-बारिश का तांडव, IMD अलर्ट

70KM की रफ्तार से महातूफान, 11 राज्यों में आंधी-बारिश का तांडव, IMD अलर्ट


Today Weather Live: मई के महीने में अभी तक तो गर्मी से राहत ही मिल रही है. कहीं धूल भरी आंधियां चल रही हैं, कहीं बिजली गिरने की चेतावनी है तो कहीं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग (IMD) और निजी एजेंसी स्काईमेट ने अगले 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. IMD का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की संयुक्त गतिविधियों ने पूरे देश में अस्थिर मौसम पैदा कर दिया है. सबसे ज्यादा चिंता पूर्वोत्तर भारत को लेकर जताई जा रही है, जहां अगले तीन दिन तेज तूफान और मूसलाधार बारिश का असर देखने को मिल सकता है. वहीं दिल्ली-एनसीआर में कुछ दिनों की राहत के बाद फिर से भीषण गर्मी लौटने के संकेत मिल रहे हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं. पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का कारण बन रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन से दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की स्थितियां बन रही हैं. यूपी और बिहार जैसे राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और वज्रपात का खतरा बढ़ गया है. कई जिलों में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. हालांकि इन बारिशों से गर्मी और लू से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और आकाशीय बिजली कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचा सकती हैं. ऐसे में अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं.
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा खराब बना हुआ है. (फाइल फोटो)
  • देश के कई राज्यों में अचानक मौसम बदलने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है. उत्तर भारत में जहां धूल भरी हवाओं और आंधी का असर दिख रहा है, वहीं पहाड़ी राज्यों में तापमान गिरने से ठंड लौट आई है. किसानों के लिए यह मौसम दोहरी चिंता लेकर आया है. एक तरफ बारिश से फसलों को फायदा हो सकता है, तो दूसरी तरफ तेज हवाएं और ओलावृष्टि नुकसान भी पहुंचा सकती हैं.
  • स्काईमेट ने पूर्वोत्तर राज्यों में 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. कई राज्यों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.

दिल्ली-NCR में गर्मी की वापसी के संकेत

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से मौसम सुहावना बना हुआ था, लेकिन अब गर्मी दोबारा जोर पकड़ने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार 8 से 12 मई के बीच अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. शुक्रवार को हल्के बादल और ठंडी हवाएं राहत देंगी, लेकिन उसके बाद तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी. बारिश के चलते दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार दर्ज किया गया है. सीपीसीबी के मुताबिक, राजधानी का AQI करीब 130 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. हालांकि तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण अगले कुछ दिनों में लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

यूपी में आंधी-बारिश का डबल अटैक

उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है. पूर्वी यूपी में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. बांदा, चित्रकूट, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गाजियाबाद और अयोध्या समेत कई जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, 11 और 12 मई को बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. 55 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के इंतजाम पहले से कर लें.

बिहार में ठनका और तेज बारिश का खतरा

बिहार में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी और लू से राहत मिली है. पटना, गया, भागलपुर, अररिया, किशनगंज और पश्चिमी चंपारण समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने ठनका गिरने का भी अलर्ट जारी किया है. राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना बना रह सकता है, लेकिन बिजली गिरने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने की अपील की है.

राजस्थान में धूल भरी आंधी और हीटवेव का खतरा

राजस्थान में एक तरफ बारिश और धूल भरी हवाओं से राहत मिल रही है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी हिस्सों में हीटवेव का नया दौर शुरू होने की आशंका है. जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, जोधपुर संभाग में अगले तीन से चार दिन तेज हवाएं चल सकती हैं. 9 मई के बाद तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है. कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की जा सकती है.

मध्य प्रदेश में बिजली और तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर लगातार बना हुआ है. ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और भोपाल संभागों में आंधी-बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं. श्योपुर, मुरैना, छिंदवाड़ा और शिवपुरी समेत कई जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने 11 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफान की चेतावनी जारी की है. अच्छी बात यह है कि इन गतिविधियों के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है और लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है.

हरियाणा में सुहावना मौसम, लेकिन खतरा बरकरार

हरियाणा में पिछले कई दिनों से बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है. अंबाला, करनाल, पंचकूला और गुरुग्राम समेत कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है. हालांकि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. लेकिन वज्रपात की चेतावनी के चलते प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है. खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

उत्तराखंड-हिमाचल में बारिश और बर्फबारी का असर

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम पूरी तरह बदल गया है. उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और नैनीताल में हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है.
  • हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर में अगले कुछ घंटों तक तेज बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि 11 और 12 मई से एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

पूर्वोत्तर राज्यों में 70KM की रफ्तार से महातूफान

पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा खराब बना हुआ है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और सिक्किम में भारी बारिश और 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. स्काईमेट के मुताबिक अगले 72 घंटे बेहद संवेदनशील रहेंगे. कई इलाकों में जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं. लोगों को घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.

मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर लगातार बना हुआ है.

दक्षिण भारत में प्री-मानसून की तेज दस्तक

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है. स्काईमेट के अनुसार तमिलनाडु के कई जिलों में 12 मई तक भारी बारिश हो सकती है. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

अगले 72 घंटे किन राज्यों के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं?

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर भारत के राज्य जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और सिक्किम सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं. यहां 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं और भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है.

क्या दिल्ली-एनसीआर में फिर से हीटवेव लौटेगी?

हां, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. फिलहाल हल्की बारिश और बादलों के कारण राहत है, लेकिन 10 मई के बाद गर्मी फिर तेज हो सकती है.

किसानों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

किसानों को अपनी फसलों और पशुओं को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से बचना चाहिए और बिजली गिरने के दौरान खुले में नहीं रहना चाहिए.

क्या यह मानसून की शुरुआत है?

नहीं, फिलहाल यह प्री-मानसून गतिविधियां हैं. पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है. हालांकि इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को राहत मिली है.

किन इलाकों में सबसे ज्यादा सावधानी जरूरी है?

पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर भारत और उन इलाकों में जहां तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी हुई है, वहां विशेष सतर्कता जरूरी है. लोगों को खराब मौसम में यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.



Source link