फेस रीडिंग तकनीक वाले इन ड्रोन का परीक्षण सफल: ग्वालियर से दुश्मन पर ड्रोन स्ट्राइक की तैयारी, एआई से होंगे लैस, स्क्वॉड्रन बनेगी – Gwalior News

फेस रीडिंग तकनीक वाले इन ड्रोन का परीक्षण सफल:  ग्वालियर से दुश्मन पर ड्रोन स्ट्राइक की तैयारी, एआई से होंगे लैस, स्क्वॉड्रन बनेगी – Gwalior News




श्रीमती विद्यादेवी के पुत्र संजय बौहरे की रिपोर्ट सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अकादमी टेकनपुर में दुश्मन देशों की सेनाओं को जवाब देने के लिए हाईटेक ड्रोन स्कवड्रन तैयार की जा रही है। यह पूरी स्कवड्रन मानव रहित होगी, जो युद्ध या विशेष ऑपरेशन के दौरान आसमान से दुश्मन के ठिकानों पर बम बरसाने में सक्षम होगी। बीएसएफ की अश्रु गैस इकाई ने ड्रोन से हमले के लिए तैयार किए जा रहे विशेष ग्रेनेड और बमों के शुरुआती परीक्षण हो गए हैं। अब इनके निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बीएसएफ टेकनपुर में केवल अटैक ड्रोन ही नहीं, बल्कि फेस रीडिंग तकनीक वाले आधुनिक ड्रोन भी बनाएगा। इनका उपयोग सीमा पर चौकसी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में होगा। ये ड्रोन संदिग्ध व्यक्ति के चेहरे और मूवमेंट को स्कैन कर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इनमें छोटे टैक्टिकल ड्रोन से लेकर भारी वजन उठाने वाले ड्रोन शामिल होंगे। इनका इस्तेमाल सीमा पार ऑपरेशन, निगरानी और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में होगा। बीएसएफ की अश्रु गैस इकाई के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसकी औपचारिक घोषणा करेगी। दुश्मन सेना की वर्दी, वेहरा रीड करेगा ड्रोन बीएसएफ टेकनपुर के अनुसंधान स्कूल में यह आधुनिक ड्रोन तैयार हो रहे हैं। सीमा पर निगरानी के लिए ड्रोन की स्क्वड्रन बनाएगी। ये बार्डर की स्थिति की लाइव रिकॉर्डिंग करेगा। दुश्मन सेना की वर्दी और फेस रीडिंग कर संदेही व्यक्ति का पीछा भी कर सकता है। सीमा की निगरानी के लिए तैयार किए जा रहे ड्रोन में विश्व की सेनाओं का डेटा एकत्र कर अन्य खुफिया सुविधाओं से संबंधित अनुसंधान भी किए जा रहे हैं।
सेना की मजबूती के लिए अनुसंधान जारी : ग्वालियर बीएसएफ अब पुलिस टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर, सेंट्रल स्कूल ऑफ मोटर ट्रांसपोर्ट और स्कूल ऑफ ड्रोन वारफेयर ने गति शक्ति विवि और रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ड्रोन बनाएंगे। इसमें एआई, सायबर सुरक्षा पर आधारित होगा। एक नजर में देश के लिए योगदान : ग्वालियर बीएसएफ ने पहली महिला कॉबैंट अधिकारी तनुश्री पारीक का प्रशिक्षण कराया। बार्डर पर निगरानी के लिए सस्ता स्वदेशी वाहन रणवीर बीते वर्ष तैयार किया। जवानों की मदद के लिए देशी नस्ल के डॉग को तैयार करने की शुरुआत ग्वालियर बीएसएफ में हुई थी।



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