ये हैं जबलपुर के टॉप 5 सरकारी कॉलेज, जहां एडमिशन कराने लगी है होड़, पढ़कर बन चुके हैं केंद्रीय मंत्री

ये हैं जबलपुर के टॉप 5 सरकारी कॉलेज, जहां एडमिशन कराने लगी है होड़, पढ़कर बन चुके हैं केंद्रीय मंत्री


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Best government Colleges in Jabalpur: जबलपुर के शैक्षणिक संस्थानों में साइंस कॉलेज, महाकौशल, JEC, एग्रीकल्चर और वेटरनरी कॉलेज शामिल हैं, जिनका इतिहास 1836 से शुरू होता है.

गवर्नमेंट मॉडल साइंस कॉलेज: साइंस कॉलेज का इतिहास सबसे पुराना हैं. यह कॉलेज सन 1836 मतलब अंग्रेजों के जमाने का हैं, जिसे पहले रॉबर्टसन कॉलेज के नाम से जाना जाता था. बाद में इस कॉलेज के 2 हिस्से हो गए, जहां एक कॉलेज महाकौशल और दूसरा साइंस कॉलेज, ऑटोनॉमस बना. यह कॉलेज जबलपुर के साउथ सिविल लाइन, पचपेड़ी में स्थित है. मध्यप्रदेश के वर्तमान पीडबल्यूडी मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य मंत्री इस कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई कर चुके हैं.

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महाकौशल कॉलेज: जबलपुर का महाकौशल कॉलेज कॉमर्स और आर्ट्स के विद्यार्थियों के लिए जाना जाता है. यह कॉलेज भी सन 1836 का हैं, जिसे नेक B ग्रेड की मान्यता प्राप्त हैं. खास बात यह हैं इस कॉलेज में आचार्य ओशो रजनीश स्टुडेंट्स को फिलासफी सब्जेक्ट पढ़ाया करते थे. इस कॉलेज से भी शहर के कई नेता पढ़ाई कर चुके हैं.

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जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज: जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज जिसे जेईसी के नाम से जाना जाता है. यह कॉलेज देश का 15 वाँ और मध्य प्रदेश का सबसे पुराना इंजीनियरिंग कॉलेज है, जिसे डिफेंस की नर्सरी भी कहा जाता है. यह कॉलेज भारत का पहला कॉलेज है जिसने देश में इलेक्ट्रॉनिक और दूरसंचार इंजीनियरिंग शिक्षा शुरू की थी. कॉलेज जबलपुर के गोकलपुर, रांझी में स्थित है. इस कॉलेज से केंद्रीय मंत्री शरद यादव सहित एयर मार्शल संजीव घुराटिया का गहरा नाता रहा है, जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई इसी कॉलेज से पूरी कर देश में अपना नाम रोशन किया.

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एग्रीकल्चर कॉलेज: जबलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज (कृषि महाविद्यालय) की नींव मध्यप्रदेश के स्थापना के पहले ही रख दी गई थी. सन 1954 में जहां कॉलेज ने आकार लिया. खास बात यह थी इस कॉलेज का शुभारंभ पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था. माय कॉलेज बनने के 10 साल बाद सन 1964 को कॉलेज का विस्तार हुआ और मध्य प्रदेश के पहले कृषि यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई. वहीं अब परिसर में लगभग 1 हजार 544 हेक्टेयर भूमि है. इस कॉलेज से पढ़कर स्टूडेंट्स देश के माने जाने कृषि वैज्ञानिक बन चुके हैं.

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वेटरनरी कॉलेज: पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय (वेटरनरी कॉलेज) कभी एग्रीकल्चर कॉलेज का हिस्सा हुआ करता था. सन 2009 में इसे अलग कर नए सिरे से महाविद्यालय बनाया गया. जो अब वेटरनरी यूनिवर्सिटी का हिस्सा हैं. यह कॉलेज सर्किट हाउस, अंपायर टॉकीज के नजदीक स्थित है. प्रदेश का यह जाना माना वेटरनरी कॉलेज है, जहां स्टूडेंट देश के बाहर जाकर अपना परचम लहरा चुके हैं.

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