एक बार खा लिया ये मोहब्बत वाला पान, यकीन मानिए मन से खुद उतर जाएगी गुटखे की लत, स्वाद ही है ऐसा

एक बार खा लिया ये मोहब्बत वाला पान, यकीन मानिए मन से खुद उतर जाएगी गुटखे की लत, स्वाद ही है ऐसा


मोहब्बत का पान: बनारसी, मगही, सांची, कपूरी जैसे पान तो आपने खूब खाए होंगे, लेकिन क्या कभी उस पान का स्वाद चखा है जिसे ‘मोहब्बत का पान’ कहा जाता है? रीवा के अमहिया गल्ला मंडी रोड पर स्थित केसरवानी पान दुकान पर मिलने वाला यह पान सिर्फ स्वाद नहीं, एक अनुभव है जो दिल तक उतर जाता है.

इस पान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सुपारी, जर्दा, कत्था, चूना या तंबाकू जैसी हानिकारक चीजें नहीं डाली जातीं. बल्कि यह पूरी तरह से चासनी और घरेलू मसालों से तैयार किया जाता है. मुंह में रखते ही यह पान पिघलने लगता है और ठंडक का एहसास देता है बिल्कुल वैसे जैसे कोई मीठा एहसास.

गुटखा छोड़ने वालों के लिए वरदान
दुकान के संचालक श्रीनिवास गुप्ता दावा करते हैं कि यह पान खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो गुटखा छोड़ना चाहते हैं. इसका स्वाद इतना खास होता है कि इसे खाने के बाद गुटखे की याद भी नहीं आती. यही वजह है कि यह पान गुटखे की लत छुड़ाने वालों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

श्रीनिवास बताते हैं कि हमारा मकसद स्वाद देना नहीं, बल्कि लोगों को सेहत की ओर मोड़ना है. अगर कोई मोहब्बत वाला पान खाकर गुटखा छोड़ देता है, तो यह हमारे लिए सबसे बड़ी जीत है.

कैसे बनता है यह मोहब्बत वाला पान?
इस पान की रेसिपी भी उतनी ही अनोखी है जितना इसका नाम.

पान के पत्तों को अच्छे से कूटकर हल्का सुखाया जाता है.

फिर उसमें हल्की चासनी, इलायची और किचन में मौजूद मसाले मिलाए जाते हैं.

कोई सुपारी, कत्था या चूना नहीं सिर्फ सादगी और स्वाद.

यह पान खाने में इतना मीठा और ठंडक भरा होता है कि लोग दूर-दूर से इसे खाने आते हैं.

सेहत के लिए पूरी तरह सेफ
जहां गुटखा शरीर के लिए हानिकारक है, वहीं यह मोहब्बत वाला पान पूरी तरह सुरक्षित है. यह पान न केवल मुखवास का काम करता है बल्कि पाचन के लिए भी फायदेमंद है.



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