Last Updated:
Visually Impaired Aadhaar Update Issue: सतना के नेत्रहीन दंपति को आधार अपडेट न होने के कारण दो वर्षों से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा. जानिए कैसे सिस्टम की तकनीकी खामी उनके जीवन पर असर डाल रही है.
हाइलाइट्स
- नेत्रहीन दंपत्ति को आधार अपडेट न होने से योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा.
- फिंगरप्रिंट स्कैन न होने से आधार अपडेट में समस्या.
- विशेष फॉर्म की जानकारी न होने से दंपत्ति परेशान.
शिवांक द्विवेदी , सतना: जब आंखें देख नहीं पातीं, तो एक नेत्रहीन को समाज की मदद और सरकारी योजनाओं की छांव की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. लेकिन अगर वही सिस्टम एक अंधी दीवार बन जाए, तो ज़िंदगी सिर्फ संघर्ष बनकर रह जाती है. सतना जिले के धने गांव निवासी रूपशंकर कुशवाहा और उनकी पत्नी इसी कड़वे अनुभव से गुज़र रहे हैं.
बार-बार लौटाया गया कलेक्ट्रेट से
रूपशंकर बताते हैं कि मैं अब तक 10 बार कलेक्ट्रेट जा चुका हूँ. हर बार कहा जाता है‘आधार अपडेट करवा लीजिए.’ लेकिन कोई नहीं बताता कि जब फिंगरप्रिंट ही स्कैन नहीं हो रहा तो अपडेट कैसे होगा?
विशेष फॉर्म की जानकारी तक नहीं
एक दिन उन्होंने आधार हेल्पलाइन 1947 पर कॉल किया, जहां बताया गया कि नेत्रहीनों के लिए एक विशेष आधार फॉर्म होता है जिसमें बिना बायोमेट्रिक के आधार बन सकता है. लेकिन जब वे स्थानीय आधार केंद्र पहुंचे तो वहाँ मौजूद कर्मचारियों ने ऐसे किसी फॉर्म की जानकारी से इनकार कर दिया.
दंपति की पत्नी ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि हम एक बेसहारा ज़िंदगी जी रहे हैं. ना रोजगार है, ना परिवार से सहयोग. अब तो वो ₹600 की पेंशन भी छिनने वाली है.
अब क्या करेगा प्रशासन?
अब जब मामला कलेक्टर के संज्ञान में आ चुका है, सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस नेत्रहीन दंपति की मदद करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?