शिवांक द्विवेदी , सतना : सतना में इन दिनों स्मार्ट सिटी के नाम पर सड़कें खोदने और निर्माण कार्यों का दौर तेजी से चल रहा है. कहीं सीवर लाइन डाली जा रही है तो कहीं सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है. लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या यह काम स्मार्ट तरीक़े से हो रहा है? ज़मीनी हकीकत तो यह है कि बिना किसी समुचित योजना के यह निर्माण कार्य नागरिकों के लिए सिरदर्द बन चुके हैं.
सतना की कई सड़कों पर ऐसे दृश्य अब आम हो चले हैं जहाँ सड़क के बीच में खंभे खड़े हैं, ट्रांसफार्मर लगे हैं या हैंडपंप जैसी मूलभूत सुविधाएं खतरे का कारण बन गई हैं. लोकल 18 की टीम ने शहर के प्रमुख इलाकों में जाकर इस स्थिति का जायजा लिया और लोगों से बात की.
ट्रांसफॉर्मर बना जानलेवा, दो जानें जा चुकी हैं
इंदिरा गांधी गर्ल्स कॉलेज रोड और पुष्पराज कॉलोनी का हाल
नगर निगम की सफाई, लेकिन कार्रवाई नहीं
शहर के अलग-अलग हिस्सों में यही स्थिति है कहीं सड़क के बीच हैंडपंप, सीवर पाइप, खंभे आदि दिख जा रहे है. अब सवाल ये है कि जब जनजीवन और व्यापार दोनों प्रभावित हो रहे हैं तो आखिर ये स्मार्ट सिटी योजना किसके लिए बनाई जा रही है?