राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में मंगलवार को संविधान सत्याग्रह यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बेबाक बयान दिया। वार्ड-12 की महिलाओं ने जब योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायत की तो उन्होंने कहा कि हम लोकसभा का चुनाव लड़त
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इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अंबेडकर भवन में दलित समुदाय के लोगों के साथ चौपाल लगाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाबा साहब को नीचा दिखाने की कोशिश हो रही है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट में अगर उनकी प्रतिमा हो सकती है, तो ग्वालियर हाईकोर्ट में क्यों नहीं?
उन्होंने यह भी बताया कि हाईकोर्ट में मूर्ति लगाने का प्रस्ताव तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ने पास किया था, लेकिन रिटायरमेंट के बाद कुछ वकीलों ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद बढ़ गया।
महिलाओं ने दिग्विजय से अपनी समस्याएं रखी।
चौपाल के बाद महिलाओं ने घेरा अंबेडकर भवन से निकलकर जब दिग्विजय सिंह स्थानीय विधायक गिरीश भंडारी के स्कूल के उद्घाटन में जा रहे थे, तभी वार्ड-12 की जाटव समाज की महिलाओं ने उन्हें रोक लिया। महिलाओं ने कहा कि उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
‘सरकार नहीं बनती… लेकिन गरीबों की लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी’
महिलाओं की शिकायतों पर दिग्विजय सिंह ने कहा-
हम लोकसभा और विधानसभा चुनाव हार जाते हैं, सरकार हमारी बनती नहीं है। विधानसभा में भाजपा जीत जाती है। दिक्कत यहीं से शुरू होती है… लेकिन गरीबों की लड़ाई कांग्रेस ही लड़ेगी।

इस दौरान कांग्रेस के एक स्थानीय कार्यकर्ता ने महिलाओं से कह दिया कि वोट भी दिया करो। इस पर महिलाएं भड़क गईं और तुरंत जवाब दिया कि नहीं दिए क्या? सबने वोट दिए हैं!”

ओमप्रकाश जाटव के घर सामूहिक भोजन में शामिल हुए।
चौपाल और बातचीत के बाद दिग्विजय सिंह, उनके पुत्र जयवर्धन सिंह और अन्य कांग्रेस नेता स्थानीय नेता ओमप्रकाश जाटव के घर सामूहिक भोजन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि संविधान और बाबा साहब के सम्मान की लड़ाई कांग्रेस हर गांव में जाकर लड़ेगी।