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भोपाल के ऐशबाग में 90 डिग्री कोण पर बने विवादित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. पीडब्ल्यूडी के सात इंजीनियरों को निलंबित किया गया है, जिनमें दो मुख्य अभियंता शामिल है…और पढ़ें
भोपाल में 90 डिग्री वाले पुल मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है.
हाइलाइट्स
- ROB के 7 इंजीनियर निलंबित, 2 मुख्य अभियंता शामिल
- निर्माण व डिजाइन और सलाहकार एजेंसियां ब्लैकलिस्ट
- लापरवाही की लंबी कहानी, अब विभागीय जांच शुरू
भोपाल. राजधानी भोपाल के ऐशबाग में 90 डिग्री कोण पर बने रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) को लेकर देशव्यापी शर्मिंदगी के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने पीडब्ल्यूडी के 7 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया, जिनमें दो मुख्य अभियंता भी शामिल हैं. सेवानिवृत्त तत्कालीन अधीक्षण यंत्री एमपी सिंह भी दोषी पाए गए हैं. सरकार की सख्त कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. सूत्रों का कहना है कि सीएम मोहन यादव बेहद नाराज है और अब इस मामले में बड़ा एक्शन होगा. इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की, जिससे सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का संदेश साफ है. यह आरओबी तब चर्चा में आया जब इसके असामान्य 90 डिग्री कोण पर बने होने का खुलासा हुआ, जो इंजीनियरिंग मानकों के विपरीत था.
जिम्मेदार एजेंसी को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट
सरकार ने निर्माणकर्ता एजेंसी मेसर्स पुनीत चड्ढा और डिजाइन बनाने वाली सलाहकार एजेंसी मेसर्स डायनेमिक कंसल्टेंट को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि आरओबी में सुधार के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है और इसके पूरी तरह से सुधार के बाद ही इसे जनता के लिए खोला जाएगा. यह कदम सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी गंभीर इंजीनियरिंग त्रुटियां न दोहराई जाएं और जनता के पैसे का सही उपयोग हो. लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि निलंबित इंजीनियरों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी करने के लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है. इसके साथ ही, रेलवे के साथ बेहतर समन्वय बनाने और डिजाइन व सुरक्षा पहलुओं को देखने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है.
शुरुआत से ही थी विरोधाभास की कहानी
ब्रिज को 2018 में स्वीकृत किया गया था, लेकिन इसका काम 2022 में प्रारंभ हुआ. शुरुआत में रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर 45 डिग्री कोण पर आरओबी बनाने पर सहमति जताई थी. हालांकि, चूंकि पूरा निर्माण रेलवे की भूमि पर हो रहा था, रेलवे ने इस डिजाइन पर असहमति जताई, जिससे निविदा प्रक्रिया रुक गई. सितंबर 2020 में रेलवे अधिकारियों के साथ फिर संयुक्त भ्रमण किया गया और मेट्रो रेल के डिजाइन को ध्यान में रखते हुए सीमेंट कांक्रीट के सर्कुलर पियर के आधार पर नई डिजाइन तैयार की गई, जिसके लिए मेट्रो रेल से अनापत्ति भी ली गई थी. इसके बावजूद, परियोजना के क्रियान्वयन से पहले अप्रैल और मई 2023 में रेलवे को विसंगतिपूर्ण डिजाइन के कारण पत्र लिखा गया था, लेकिन उसने कोई परिवर्तन नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप यह ‘अजूबा’ आरओबी बनकर तैयार हुआ और यह देश भर में चर्चा का विषय बन गया.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें