रिटायरमेंट के दिन डिप्टी रेंजर बर्खास्त: 5 साल पुराने 18 लाख के गबन केस में CCF ने विदाई समारोह के बाद की कार्रवाई – narmadapuram (hoshangabad) News

रिटायरमेंट के दिन डिप्टी रेंजर बर्खास्त:  5 साल पुराने 18 लाख के गबन केस में CCF ने विदाई समारोह के बाद की कार्रवाई – narmadapuram (hoshangabad) News



डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा।

नर्मदापुरम वन विभाग में पदस्थ डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा को रिटायरमेंट के दिन ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। विभागीय जांच में 18 लाख रुपए के गबन का आरोप साबित होने पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) आशोक कुमार चौहान ने यह कार्रवाई की।

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सोमवार को जहां सुबह कार्यालय में मिश्रा को विदाई दी गई, वहीं दोपहर में उन्हें बर्खास्तगी का आदेश थमा दिया गया। मामला बानापुरा में पदस्थी के दौरान इकोसिस्टम इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें 150 लोगों के भ्रमण कार्यक्रम में फर्जी बिल लगाकर 18 लाख रुपए का गबन किया गया था।

सुबह कार्यालय में विदाई, दोपहर में हुए बर्खास्त

बता दें कि, वन विभाग के डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा को सोमवार को सेवानिवृत्त होना था। सुबह कार्यालय में उन्हें स्टाफ ने विदाई दी गई। इसके बाद दोपहर को प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशोक कुमार चौहान ने उन्हें सेवा से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया।

डिप्टी रेंजर मिश्रा पर बानापुरा में पदस्थ के दौरान इकोसिस्टम इप्रूवमेंट प्रोजेक्ट में समितियों के 150 लोगों को भ्रमण पर ले जाना था। इस भ्रमण कार्यक्रम में लगभग 18 लाख रुपए की अनियमितता की शिकायत की गई थी। तब तत्कालीन डीएफओ अजय पांडे थे।

फर्जी बिल लगाकर 18 लाख गबन किए

उस दौरान भ्रमण यात्रा में फर्जी बिल लगाकर 18 लाख रुपए का गबन किया था। मामला उजागर होने पर सेवानिवृत फॉरेस्ट अधिकारी और वन कर्मचारी संघ के संरक्षक मधुकर चतुर्वेदी ने शिकायत की थी।

मामले में विभाग ने जांच की, इस दौरान डिप्टी रेंजर मिश्रा को अपने बचाव में जबाव देने के लिए कहा गया था। उन्होंने 24 जून को अपना जबाव प्रस्तुत किया। इसके बाद विभाग ने 30 जून को उन्हें सेवा से अलग कर दिया।

गबन का आरोप सही मिला, अंतिम दिन बर्खास्त किया

मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार चौहान ने बताया डिप्टी रेंजर हरगोविंद मिश्रा को अंतिम दिन 30 जून को नौकरी से हटाया गया है। उन पर ईको सिस्टम इंप्रवूमेंट प्रोजेक्ट में 150 लोगों के भ्रमण कार्यक्रम में 18 लाख की अनियमितता का आरोप था। जांच में यह सही पाया गया।

उन्होंने अपने बेटे, अधीनस्थ कर्मचारियों के खाते में रुपए डलवाएं थे। जांच में उन्हें बचाव में जबाव देने को कहा था। उन्होंने 24 जून को जबाव दिया था। सोमवार को सेवानिवृत्ति के दिन उन्हें सेवा से पृथक करने के आदेश जारी कर दिए गए।

तत्कालीन डीएफओ की विभागीय जांच जारी

सीसीएफ चौहान ने बताया भ्रमण गबन की शिकायत में डिप्टी रेंजर के अलावा तत्कालीन डीएफओ अजय पांडे पर भी आरोप थे। उनकी भी विभागीय जांच जारी है। फिलहाल में उसमें निर्णय नहीं हुआ है।



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