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Burhanpur sanyasi college: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में स्थित नागझिरी का 200 साल पुराना कॉलेज अनोखा है. यहां डॉक्टर या इंजीनियर नहीं, बल्कि संन्यासी बनते हैं.
हाइलाइट्स
- यहां MBBS नहीं, ‘बीजक’ पढ़ाया जाता है
- यह है भारत का एकमात्र कॉलेज
- MP का अनोखा कॉलेज, जहां डॉक्टर नहीं बनते
महाविद्यालय के दानवीर दास ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब महाविद्यालय का संचालन करने वाले दानवीर दास से बात की, तो उन्होंने बताया कि यह महाविद्यालय करीब 200 साल पुराना है. इसका संचालन किया जाता है यहां पर बीजक की पढ़ाई होती है, जो भी संन्यासी लोग अपने जीवन को त्याग देते हैं. वह लोग यहां पर पढ़ाई करने के लिए आते हैं. यहां पर 4 साल की बीजक की पढ़ाई होती है. यह पढ़ाई पूरी करने के बाद वह संन्यासी बन जाते हैं और कबीर साहेब के वचनों को वह जन-जन तक पहुंचाने का काम करते हैं.
पांच साधक कर रहे हैं शिक्षा ग्रहण
दानवीर दास का कहना है कि चार राज्य के पांच साधक यहां पर आज भी बीजक की पढ़ाई कर रहे हैं. यह पढ़ाई 4 साल की होती है कबीर साहब ने जो बीजक ग्रंथ बनाया था उसी का पुरण साहब द्वारा हिंदी में टीका गया है दोनों ही भाषाओं में यह बीजक की पढ़ाई कराई जाती है. यह देश का एकमात्र महाविद्यालय है, जहां पर सन्यासी बनने के लिए साधक पढ़ाई करते हैं.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digiatal), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked …और पढ़ें
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