विदिशा पुलिस की सीनियर सिटिजन पंचायत ने बुजुर्गों के लिए न्याय का नया रास्ता खोला है। बुधवार को आयोजित पंचायत में कई पारिवारिक मामलों का समाधान किया गया, जिनमें मकान विवाद से लेकर पारिवारिक कलह तक के मामले शामिल थे।
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बेटे ने मकान वापस मां के नाम कराया
एक मामले में बेटे द्वारा मां का मकान अपने नाम करवा लेने का विवाद सुलझाया गया। पंचायत की पहल पर बेटे ने मकान वापस मां के नाम कर दिया। पीड़ित मां ने बताया कि जो मामला अदालत में वर्षों तक चल सकता था, वह एक ही बैठक में सुलझ गया।
बेटों ने टीन शेड लगाने और भोजन देने की सहमति
वहीं बासौदा के एक बुजुर्ग का मामला भी सामने आया, जिन्होंने पहले बेटे की मारपीट की शिकायत की थी। अब वही बुजुर्ग अपने बेटे का हार्ट अटैक के बाद इलाज करवा रहे हैं। शमशाबाद के एक वृद्ध की कमरे की मरम्मत की समस्या का भी समाधान हुआ, जहां दोनों बेटों ने टीन शेड लगाने और भोजन की व्यवस्था करने की सहमति दी।
एक अन्य मामले में एक बुजुर्ग, जो पत्नी के पहले पति के बेटे को 28 वर्षों से पाल रहे थे, की समस्या का भी समाधान हुआ। बेटे ने नवरात्रि से दिवाली के बीच अलग कमरा बनाकर रहने का वादा किया।
बिना किसी शुल्क के काम करती है पंचायत
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह पंचायत बिना किसी शुल्क या वकील के सहयोग से काम करती है, जहां समझ, संवाद और सम्मान के माध्यम से टूटे रिश्तों को जोड़ने का प्रयास किया जाता है।