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Ashok Rohani Social Work: जबलपुर के विधायक अशोक रोहाणी 25 सालों से अपने पिता का संकल्प पूरा कर रहे हैं. सबसे अहम बात तो ये है कि बाकि नेताओं की तरह अपने इस काम का क्रेडिट वो खुद नहीं लेते बल्कि जनता को देते हैं.
मध्यप्रदेश, जबलपुर के नेताजी… जो समाज सेवा की अनोखी मिसाल पेश कर रहे हैं. इतना ही नहीं अपने स्व. पिता की 25 साल पुरानी परंपरा को भी बखूबी निभा रहे हैं. दरअसल हम बात कर रहे हैं जबलपुर के विधायक अशोक रोहाणी की.

जिनके पिताजी ईश्वरदास रोहाणी मध्यप्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं. जिन्होंने जबलपुर के जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताब और बैग देने की शुरुआत आज से 25 साल पहले की थी. लेकिन पिता के मौत के बाद भी यह कारवां नहीं रूका.

केंट विधायक का अशोक रोहाणी ने बताया बच्चे देश का भविष्य होते हैं. जिनकी पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आना चाहिए. पिताजी ने जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए अनोखी शुरुआत की थी. इसके बाद से ही उनके सपनों को पूरा करने का निरंतर प्रयास कर रहा हूं.

उन्होंने बताया प्रत्येक वर्ष करीब 10 हजार जरुरतमंद बच्चों को कॉपी-किताब और बैग का वितरण किया जाता हैं. यह परंपरा पिछले 25 सालों से चली आ रही है. जहां निशुल्क वितरण बच्चों को किया जाता है. जिसमें विधानसभा के स्टूडेंट्स मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर सकें.

खास बात यह है 10 हजार कॉपी-किताब और बैग का खर्च विधायक अशोक रोहाणी स्वयं अपने खर्च से करते हैं. लेकिन इसका क्रेडिट जबलपुर के हर नागरिक को देते हैं. उन्होंने बताया बच्चों की पढ़ाई के लिए किसी भी प्रकार की कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

जबलपुर के इन नेताजी को बच्चें दादा रोहाणी के नाम से पुकारते हैं. नेताजी की कैंट विधानसभा में सैकड़ो बच्चे जरूरतमंद हैं. जिनके माता-पिता मजदूरी किया करते हैं, यहीं कारण हैं जबलपुर के नेता जी इन जरूरतमंद बच्चों के लिए कॉपी-किताब और बैग का वितरण करते हुए आए हैं.

कॉपी-किताब और बैग पाकर खुश हुए बच्चों ने बताया हर साल दादा जी बैग देते हैं. जिसके अंदर कॉपी-किताब रहती हैं. अक्सर मम्मी को पापा से कहते हुए सुना हैं… कि बैग और कॉपी किताब की टेंशन नहीं है, वह तो दादा देंगे ही. बहरहाल एमपी के यह नेताजी समाजसेवा कर अपने इस कार्य के चलते जनता के बीच अलग पहचान बनाए हुए हैं.