हरदा की एक कॉलोनी में बुधवार सुबह करीब 11 बजे पीएचई विभाग में कार्यरत महिला सब इंजीनियर ज्योति महोबिया ने जहरीली दवा खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। बेसुध हालत में पाई गई महिला को पहले जिला अस्पताल और फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी
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फोन नहीं उठाया, फिर परिजनों ने मकान मालिक को दी सूचना 30 वर्षीय ज्योति महोबिया मूल रूप से बैतूल जिले के पाडर गांव की निवासी हैं और हरदा में किराए के मकान में अकेली रहती हैं। बुधवार सुबह करीब 10 बजे उनके परिजनों ने उन्हें फोन किया, लेकिन लंबे समय तक फोन न उठाने पर परिजनों को शंका हुई। इसके बाद उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी।
मकान मालिक जब कमरे में पहुंचे तो उन्होंने ज्योति को बेहोशी की हालत में पाया। उनके मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे अनुमान लगाया गया कि उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खाया है। पड़ोसियों की मदद से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल से किया गया रेफर, हालत बनी हुई है गंभीर जिला अस्पताल में एक घंटे तक इलाज चलने के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया।मेडिकल ऑफिसर डॉ. अखिल विश्नोई ने बताया कि महिला ने किस प्रकार का ज़हर खाया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
डॉक्टरों का कहना है कि महिला की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बचाने के लिए जहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच, कारण अज्ञात घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने क्यों आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ज्योति महोबिया के परिवार, कर्मस्थल, और दैनिक जीवन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।