भास्कर एक्सक्लूसिव – एक उदाहरण… 5.143 हेक्टेयर जमीन का मालिक कौन?
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जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले ध्यान दें। ग्वालियर के रजिस्ट्रार कार्यालय में कथित रूप से मूल रजिस्ट्री ही बदल देने का मामला सामने आया है। यानी कि रजिस्ट्री पर लिखा नंबर तो नहीं बदला, लेकिन खरीददार और बेचने वाले का नाम ही बदल दिया।
चौकाने वाली बात ये है कि इस मामले को खुद वरिष्ठ उप-पंजीयक ने संदेहास्पद माना और काम की अधिकता के चलते रिकॉर्ड का मिलान नहीं करने की दुहाई दी। ये भी माना कि कार्यालय द्वारा दस्तावेज की सत्य प्रतिलिपि जारी हो गई, जो कि फिलहाल संदेह के घेरे में है।
इसकी जानकारी वरिष्ठ उपपंजीयक ने एसडीएम लश्कर के साथ ही पुलिस को भी दी है, ताकि विधि अनुसार कार्रवाई हो सके। बता दें कि भगत भीकम सिंह के नाम दुरुस्ती के आवेदन की सुनवाई अभी भी चल रही है।
रिकॉर्ड में मां-दो बेटियों का नाम, भगत ने महिला के पति से जमीन खरीदने का दावा कर खुद को बताया भूमिस्वामी…
ऐसे समझें पूरा मामला
- गिरवाई के पटवारी हल्का 38 में सर्वे नंबरों पर स्थित 5.143 हेक्टेयर भूमि राघवेंद्र सिंह के नाम दर्ज थी।
- 16 नवंबर 2015 को उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी सुजाता और बेटी सुनैना-सुचेतना का फौती नामांतरण हुआ।
- 2024 में भगत भीकम सिंह ने एसडीएम के समक्ष नाम दुरुस्ती का आवेदन दिया। दावा किया कि राघवेंद्र ने 11 फरवरी 2011 को उक्त जमीन 1.49 करोड़ में उसे बेची थी।
- एसडीएम ने आवेदन खारिज कर अपील करने के लिए कहा। अब अपील में सुनवाई चल रही है।
- अपील में भगत भीकम सिंह की ओर से रजिस्ट्री पेश की गई, जिसमें राघवेंद्र सिंह द्वारा कथित रूप से जमीन बेचना बताया गया।
सुजाता ने जानकारी जुटाई तो हुए चौंकाने वाले खुलासे
- पहला: जिस तारीख को रजिस्ट्री होना बताया गया, रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड में उस दिन भगत भीकम और राघवेंद्र का नाम दर्ज नहीं है।
- दूसरा: जिस स्टाम्प वेंडर से स्टाम्प लेना बताया, उसके रिकॉर्ड में भी रजिस्ट्री वाले दिन व उससे दो दिन पहले भगत का नाम नहीं है।
- तीसरा: 2011 में रजिस्ट्री होना बताया, जबकि 2018 तक सोनचिरैया अभयारण्य, घाटीगांव में था।
- चौथा: राजस्व रिकॉर्ड में उक्त जमीन बैंक में बंधक है।
(जैसा एडवोकेट राजेंद्र जैन ने भास्कर को बताया)
जिस रजिस्ट्री का नंबर लिखा, उसकी तलाश
सूत्रों की मानें तो जिस रजिस्ट्री का नंबर कथित रूप से फर्जी रजिस्ट्री पर लिखा गया है उस क्रेता/विक्रेता की पहचान हो गई है। वह डीडी नगर का निवासी है।