उज्जैन की नगरी में शहीदों का अनूठा मंदिर, जहां महाकाल के आँगन में गूंजती है वीरों की गाथा, रोज जलते हैं श्रद्धा के दीप

उज्जैन की नगरी में शहीदों का अनूठा मंदिर, जहां महाकाल के आँगन में गूंजती है वीरों की गाथा, रोज जलते हैं श्रद्धा के दीप


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उज्जैन में रिटायर्ड जज दान सिंह चौधरी अपनी रिटायरमेंट के पैसे से उज्जैन के नृसिंह घाट पर शहीदों के मंदिर का निर्माण कराया है. जहां देश के वीर जवानों की मूर्तियां लगी हुई हैं. इस मंदिर पर 15 अगस्त को लोगों की बड…और पढ़ें

उज्जैन. धार्मिक नगरी उज्जैन मे कई ऐसे मंदिर है, जो अपने आप मे कई रहस्य समेठे बैठे है. यहा आराध्य के रूप मे देवा दी देव महाकाल पूजे जाते हैं. ऐसे ही एक अनोखे मंदिर की बात करे तो यहा रोजाना देश के वीर जवान जो की शहीद हो चुके है. उनकी पूजा व आरधना की जाती है. ऐसे तो रोजाना कई पर्यटक यहा आते है. लेकिन साल मे एक दिन ऐसा भी आता है, जब यहा सैकड़ो की संख्या मे पर्यटक की भीड़ उमड़ती है. आइए जानते है मंदिर बनने का लक्षय के बारे मे विस्तार से.

यह मंदिर मोक्ष दायनी माँ शिप्रा नदी के किनारे बना हुआ है, जिसका निर्माण वर्ष 2008 में पिता दान सिंह चौधरी ने अपनी रिटायरमेंट की राशि से अपने अलीराजपुर निवासी गुरु नरसिंहानंद महाराज की प्रेरणा से करवाया था. मंदिर की स्थापना परमानंद महाराज द्वारा की गई थी. वर्ष 2016 मे पिता की और वर्ष 2023 में माता जी की भी मर्त्य हो गई. मंदिर की देख रेख अब हमने जामोद परिवार के सुपुर्द की है.

आजादी के बाद इन्होंने संभाला प्रथम पद
आजादी के बाद विभिन्न क्षेत्रों में जो प्रथम पद पाने वाले अधिकारी रहे हैं, उनकी प्रतिमाएं भी यहां स्थापित की गई हैं. इनमें प्रथम थल सेना अध्यक्ष जनरल केएम करीअप्पा, प्रथम फील्ड मार्शल जनरल मानेकशा तथा वायुसेना अध्यक्ष अर्जुनसिंह जैसे कई वीर शहीदो की प्रतिमा सहित 21 परमवीरचक्र समानित वीर सपूतों की प्रतिमाएं देखने को मिलती है. यहा लगभग 41 वीर सपूतों और नारी शक्ति की प्रतिमाएं मंदिर में स्थापित है. मंदिर में अमर किसान, अमर जवान, अमर विज्ञान कि भी झलक आपको देखेगी साथ ही कई महापुरूषों की प्रतिमाएं, तस्वीरे भी इस मंदिर में देखने को मिल रही है.

जानिए प्रतिमा की खासियत 
संजय कुमार चौधरी ने बताया यह कोई मामूली प्रतिमा नही है. केवल एक प्रतिमा की क़ीमत की बात करे तो 40 हज़ार से 45 हज़ार कीमत की है.ये प्रतिमाएं खास बनाना फाइबर की बनाई गई है. जो देखनें मे बहुत सुंदर लग रही है. जो भी पर्यटक यहा आता है. अपना अनुभव साझा करके मंदिर की काफ़ी प्रसंसा करता है. यह मंदिर एक देश भक्त जज ने अपने रिटायरमेंट की राशी से एक छोटे से कमरे में बनवाया है. जहां देश के कई शहीदों के बलिदान को याद दिलाता है. रिटायर्ड जज की मृत्यु पश्चात मंदिर की देख रेख एक परिवार के सुपुर्द है.

जानिए क्यों कराया मंदिर का निर्माण 
संजय कुमार चौधरी ने बताया कि, दान सिंह चौधरी ने अपनी रिटायरमेंट के पैसो से इस मंदिर का निर्माण कराया है. उनका सपना था कि मेरे बाद भी देश के वीर जवा, जिन्होंने देश की सेवा करते करते शहीद हो गए. उन्हें लोग याद रखे. उन्होंने बताया अक्सर देखा जाता है. कि कई महान हसितिया की फोटो चौराहे पर लगा देते है. लेकिन उनकी पूजा व भक्ति रोज नही हो पाती इसलिए उन्होंने निर्माण कराया.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a… और पढ़ें

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उज्जैन की नगरी में शहीदों का अनूठा मंदिर, जहां आँगन में गूंजती है वीरों की गाथ



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