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खंडवा5 घंटे पहले
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- वन मंत्री शाह की मौजूदगी में नप ने नगरीय प्रशासन आयुक्त के सामने अपना पक्ष रखा
नगरीय क्षेत्र की आबादी के 60% हिस्से का पुनर्वास स्थल हरसूद की मूलभूत सुविधा हस्तांतरण का मामला पेचीदा हो गया है। एनएचडीसी की डेडलाइन (31 अगस्त) की सूचना के बाद नगर परिषद छनेरा, वन मंत्री विजय शाह की उपस्थिति में नगरीय प्रशासन आयुक्त निकुंज श्रीवास्तव के सामने अपना पक्ष रख चुकी है। नप की आर्थिक स्थिति पर आयुक्त ने भी सहमति जताई, लेकिन उन्होंने खंडवा कलेक्टर से चर्चा कर समाधान का इशारा किया।
इधर सोमवार को डेडलाइन का अंतिम दिन होने से नप के जनप्रतिनिधि व अफसर चिंतित नजर आए। अध्यक्ष पति व विधायक प्रतिनिधि रामनिवास पटेल ने कलेक्टर अनय द्विवेदी से मुलाकात की। इसके बाद संभावना बनी कि मंगलवार को जिला प्रशासन, एनएचडीसी व नप के साथ बैठक कर निर्णय कर सकता है। इधर एनएचडीसी अपने निर्णय पर अडिग है। हरसूद प्रशासन की भी मंशा हस्तांतरण के पक्ष में नजर आ रही है।
बिजली बिल अदायगी व संविदा कर्मियों की तनख्वाह सीएसआर मद से होगी
हस्तांतरण के लिए रखी थी तीन शर्ते
- नगर परिषद 22 अगस्त की साधारण सभा बैठक में सर्वानुमति से हस्तांतरण के लिए सहमत है, लेकिन सशर्त।
- पहली शर्त हस्तांतरण के पूर्व पुनर्वास स्थल की वह जमीन जो निकाय के व्यावसायिक प्रयोजन (प्रस्तावित) के लिए महत्वपूर्ण है। उनका आधिपत्य दिया जाए।
- दूसरी शर्त नए हरसूद के आवासीय प्लाटों के मालिकाना हक के मामले का निराकरण किया जाए।
- तीसरी शर्त यह कि वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू होने तक एनएचडीसी निकाय को प्रबंधन व्यय (1.5 करोड़ साल, 3 वर्ष तक) दे। इस प्रस्ताव के आधार पर पिछले दिनों नप अध्यक्ष पुष्पा पटेल, विधायक प्रतिनिधि रामनिवास पटेल ने भोपाल में आयुक्त नगरीय प्रशासन से चर्चा की। आयुक्त श्रीवास्तव ने निराकरण का आश्वासन दिया।
एनएचडीसी का निर्णय, अब प्रबंधन नहीं
एनएचडीसी आरएंडआर खंडवा जीएम एस. जयकर ने 6 अगस्त के सूचना पत्र में साफ लिखा कि 31 अगस्त के बाद प्रबंधन नहीं करेंगे। इसके लिए खंडवा कलेक्टर के खाते में बिजली बिल अदायगी व संविदा कर्मचारियों की तनख्वाह सीएसआर मद से डिपॉजिट किया जाएगा।
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