किसान, पशुपालकों के लिए 5 लाख जीतने का सुनहरा मौका, जानें कौन कर सकते हैं इस योजना में आवेदन

किसान, पशुपालकों के लिए 5 लाख जीतने का सुनहरा मौका, जानें कौन कर सकते हैं इस योजना में आवेदन


National Gopal Ratna Award 2025: भारत में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ही नहीं है, बल्कि लाखों किसानों की आजीविका का मुख्य साधन भी है. इसी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पशुपालकों, किसानों, डेयरी सहकारी समितियों और तकनीशियनों को सम्मानित करने के लिए मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अधीन पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) ने इस वर्ष भी राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी है. यह पुरस्कार हर साल उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने स्वदेशी गाय और भैंस की नस्लों के संरक्षण, संवर्धन और डेयरी उत्पादन में अहम योगदान दिया हो. पुरस्कार का उद्देश्य किसानों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना है.

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2025 से शुरू हो चुकी है. जो भी पशुपालक, डेयरी किसान या संगठन इस पुरस्कार के लिए योग्य हैं, वे 15 सितंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे आधिकारिक पोर्टल awards.gov.in या dahd.nic.in पर जाकर भरा जा सकता है.

पुरस्कार वितरण कब और कैसे होगा?
इन पुरस्कारों का वितरण हर साल की तरह इस बार भी 26 नवंबर 2025 को किया जाएगा. यह दिन भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (National Milk Day) के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर पूरे देश से चयनित विजेताओं को दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा.

पुरस्कार की श्रेणियां

1. सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान: ऐसे किसान जो स्वदेशी नस्ल की गाय-भैंस का पालन कर रहे हों और डेयरी उत्पादन में योगदान दे रहे हों.
2. सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (DCS): दुग्ध उत्पादक कंपनी (MPC) या किसान उत्पादक संगठन (FPO) – ऐसी संस्थाएँ जो बड़े स्तर पर दुग्ध उत्पादन और विपणन में कार्यरत हैं.
3. सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT): जो पशुधन प्रजनन और तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

पुरस्कार राशि
प्रथम पुरस्कार: 5 लाख रुपये
द्वितीय पुरस्कार : 3 लाख रुपये
तृतीय पुरस्कार: 2 लाख रुपये
विशेष पुरस्कार (NER/हिमालयी क्षेत्र): 2 लाख रुपये

हालांकि कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन श्रेणी में नकद राशि नहीं, बल्कि प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान किया जाता है.

चयन प्रक्रिया
आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा तीन चरणों में चयन किया जाता है. पहले चरण में सभी आवेदनों की स्क्रीनिंग होती है. दूसरे चरण में चयनित उम्मीदवारों का फील्ड वेरिफिकेशन (मैदान में सत्यापन) किया जाता है. तीसरे चरण में पुरस्कार चयन समिति द्वारा विजेताओं के नाम तय किए जाते हैं. अंततः 25 नवंबर तक विजेताओं की आधिकारिक घोषणा होती है और 26 नवंबर को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाता है.



Source link