आरोपी अजय और उसका दोस्त राहुल यादव।
सागर में एक युवक अपने दोस्त के साथ रहना चाहता था। इसके लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। वह पिता से रुपयों की मांग कर रहा था। मां को बेटे के समलैंगिक होने का शक था। वह एक लड़के से दिनभर बात करता था। उसकी हरकतों के चलते वह उसे टोका करती थी। सौतेली मां का यू
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मामला, सागर की गोपालगंज थानाक्षेत्र के नाखरे वाली गली का है। पुलिस ने आरोपी बेटा और उसके दोस्त को विदिशा के सिरोंज से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वह हत्या के बाद रुपए और गहने लेकर फरार हो गया था। दोनों आरोपी पीथमपुर जाकर शिफ्ट होना चाह रहे थे।
दैनिक भास्कर ने इस हत्याकांड के पीछे की वजह जानने की कोशिश की, जिसमें पूरा घटनाक्रम समलैंगिक दोस्त के साथ रहने को लेकर होना सामने आया…….
मां से लड़ा, पिता समझाकर बाजार गए, बेटे ने हत्या कर दी सागर के गोपालगंज क्षेत्र स्थित नाखरे वाली गली में नारायण सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। 22 अगस्त को शाम के समय वे बाजार गए थे। घर पर पत्नी साधना (46) और छोटा बेटा अजय था। बाजार से लौटे तो दरवाजा खुला हुआ था। भीतर जाकर देखा तो एक कमरे में पत्नी का खून से लथपथ पड़ी थी। नारायण सिंह यह देखकर चीख उठे। आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया कि घर पर छोटा बेटा अजय भी था, जो अब गायब है। उसका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। पूछताछ में नारायण सिंह ने बताया कि मां-बेटे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। दोनों को शांत करवाकर शाम को मैं बाजार सामान लेने चला गया था। साधना सौतेली मां थी, इस कारण पुलिस ने अजय को संदेही मानकर उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस जब घर पहुंची तो मां हॉल में सोफे के पास पड़ी मिली थी।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से बेटे तक पहुंची अजय की तलाश में पुलिस ने टीमें गठित की। टीम ने नाखरे वाली गली से गुजरने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी में दोपहर में घर से जाता नजर आया। पुलिस ने अजय के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि वह एक नंबर पर लगातार बात कर रहा था। उस नंबर को ट्रेस किया तो लोकेशन सिरोंज के पास की मिली।
लोकेशन मिलते ही गोपालगंज थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां दबिश दी तो एक घर से अजय सिंह ठाकुर निवासी सागर के साथ राहुल उर्फ देव यादव निवासी देवास मिला। दोनों को हिरासत में लेकर टीम सागर पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की वारदात करना स्वीकार किया।
मां रोक-टोक करती थी, इसलिए मार डाला पूछताछ में अजय ने बताया कि साधना सिंह सौतेली मां थी। हमारे बीच ज्यादा बनती नहीं थी। रोज किसी न किसी बात को लेकर हमारे बीच विवाद हो जाया करता था। यही कारण रहा कि हमारे बीच इतनी लंबी दीवार उठ गई। पुलिस की पड़ताल में यह बात भी निकलकर आई कि अजय और राहुल के बीच एक अलग रिश्ता बन चुका था। दोनों समलैंगिक हैं और एक साथ रहना चाह रहे थे। मां, उनके बीच रोड़ा बन रही थी।
अजय मां को रास्ते से हटाना चाहता था, जिसकी प्लानिंग वह राहुल के साथ मिलकर करीब चार महीने से कर रहा था। मां को मौका मिलते ही मारने की ठान चुका अजय पीथमपुर में रहता था, और एक महीने से सागर आकर रहने लगा था।
यहां भी वह दोस्त से दिनभर बात किया करता था। वह कई बार लड़कियों जैसी हरकत किया करता था। मां उसे दोस्त से बात करने से रोकती थी। घर पर भी अच्छे से रहने के लिए कहा करती थी। पिता के पैसे देने से लेकर अन्य बात को लेकर भी आपत्ति लेती थी। अजय ने इन सब बातों से मां से खुन्नस पाल ली। इन्हीं कारणों के चलते उसने अपने दोस्त राहुल के साथ मिलकर मां की गला दबाकर हत्या कर दी।

सूचना मिलते ही पुलिस ने पड़ोसियों के बयान लिए थे।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम आरोपी अजय करीब डेढ़ साल पहले पीथमपुर काम करने के लिए गया था। पीथमपुर में उसकी मुलाकात राहुल उर्फ देव यादव निवासी देवास से हुई। दोनों की दोस्ती हो गई। इसी दौरान दोनों ने एक साथ रहने का निर्णय लिया, लेकिन उसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। करीब साल से ये पीथमपुर में रह रहे थे और रुपयों की व्यवस्था करने अजज करीब एक महीने पहले अपने घर सागर और राहुल देवास आया गया था। यहां अजय ने पिता से 10 हजार रुपए मांगे रहे थे, लेकिन मां रोक-टोक कर रही थी।
दोस्त के साथ मिलकर मां को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया आरोपी अजय और उसका दोस्त राहुल उनके रिश्ते के बीच आ रही सौतेली मां साधना को रास्ते से हटाने के लिए पिछले करीब चार महीने से मौके की तलाश में थे। 22 अगस्त को अजय और मां साधना के बीच सुबह विवाद हुआ। पिता ने समझाइश देकर विवाद शांत कराया। अजय ने पूरा घटनाक्रम अपने दोस्त राहुल को फोन पर बताया और उसे सागर बुला लिया। राहुल बस से दोपहर में सागर पहुंचा और गोपालगंज क्षेत्र में घूमता रहा।
शाम करीब 4 बजे तक दोनों के बीच 15 से अधिक बार मोबाइल पर बात हुई। शाम को पिता नारायण सिंह जैसे ही सामान लेने के लिए घर से बाजार निकले, अजय ने फोन लगाकर राहुल को घर बुला लिया। यहां दोनों ने मां साधना के साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद अलमारी में रखे गहने और नकद रुपए लेकर भाग निकले।

आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतका के बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी सौतेली मां की हत्या की थी। आरोपी अजय और राहुल साथ रहना चाहते थे, लेकिन मां रोक-टोक करती थी। इसी बात को लेकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।