भोपाल में गणेशोत्सव की धूम है। गली-मोहल्लों से लेकर चौराहों और बाजारों तक गणेश प्रतिमाएं स्थापित हो चुकी हैं। इस बार पंडालों में एक से बढ़कर एक झांकियां देखने को मिल रही हैं, कहीं भगवान गणेश माता ऋद्धि-सिद्धि के साथ विराजमान हैं, तो कहीं गजानन परिवार
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किसी पंडाल में बर्फ के पहाड़ों के बीच बप्पा की स्थापना की गई है, तो कहीं संकरी गलियों में रंग-बिरंगे पंडाल भक्तों को आकर्षित कर रहे हैं। देखिए भोपाल के पांडालों विराजित खास गणेश प्रतिमाएं…
भगवान गणेश के साथ माता ऋद्धि भी विराजमान
प्रभात पेट्रोल पंप से आगे परिहार चौराहे के पास भगवान गणेश जोड़े से बिराजे हैं। उनकी प्रतिमा के साथ माता ऋद्धि की भी स्थापना की गई है। श्री बजरंग गणेश उत्सव समिति के आयोजकों ने बताया कि भगवान गणेश की ऐसी मूर्ति स्थापित करने की पीछे कारण ये है कि रास्ते से गुजरने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
खासकर बच्चों के मन में बप्पा के दस-दिवसीय उत्सव के बारे में जानने की इच्छा हो। आयोजक दीपांशु शर्मा ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ पिछले 7 सालों से मूर्ति की स्थापना कर रहे हैं।
परिवार साथ लाए गजानन
अशोका गार्डन सेक्टर ए में गणेश जी की मूर्ति के साथ शिवलिंग और माता-पार्वती भी हैं। पंडित शिवनारायण पुरोहित ने मूर्ति का महत्व बताते हुए कहा कि भक्तों का सौभाग्य है जो भगवान गणेश अपना परिवार साथ लेकर बिराजे हैं।
भक्त उनके साथ उनके माता-पिता गौरीशंकर की भी आराधना कर पाएंगे। शिव शक्ति गणेश उत्सव समिति पिछले 20 सालों से अपने क्षेत्र में गणेशोत्सव का आयोजन कर रही है।
बर्फ के पहाड़ों के बीच बप्पा की स्थापना
बप्पा का एक बड़ा ही अलौकिक पांडाल अशोका गार्डन सब्जी मंडी में भी सजा है। यहां बर्फ के पहाड़ों के बीच भगवान गणेश की स्थापना की गई है। मूर्ति को आभूषणों से सजाया गया है।
नवयुवक फुटकर विक्रेता गणेश उत्सव समिति के रामनाथ चौहान ने बताया कि क्षेत्र की सबसे बड़ी मूर्ति हमारे ही पांडाल में रखती है। हम पिछले 12 साल से यह पर्व धूमधाम से मना रहे हैं। अनंत चतुर्दशी पर यहां विशाल भंडारा भी होगा, जिसमें लगभग 5 हजार भक्त शामिल होंगे।
संकरी गलियों मे भी सजे पांडाल
चौराहे और बड़े पांडाल तो ठीक हैं, भक्तों ने गली-मोहल्लों में भी गणेश जी की मूर्ति स्थापित की है। सरस्वती स्कूल, परिहार चौराहे के पास ऐसा ही एक छोटा सा पांडाल सजा है, जहां गजानंद की सुंदर मूर्ति रखी गई है।
गली संकरी होने के बाद भी भक्तों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि 10 दिनों तक लोगों को आवाजाही में कोई कठिनाई न हो। स्थानीय लोग पिछले 3 साल से इसी स्थान पर मूर्ति रख रहे हैं।
पिछले 50 सालों से कर रहे बप्पा की स्थापना
बाबा चौराहा, अशोका गार्डन पर पिछले 50 सालों से गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इस बार यहां गणेश जी के साथ भगवान शिव भी नजर आ रहे हैं। भगवान गणेश एकदंत रूप में सिंहासन पर बैठे हैं और उनके पीछे भोलेनाथ की मूर्ति दिखाई दे रही है।
समिति अध्यक्ष आकाश सोनी ने बताया कि हम हर साल झांकी की साज-सज्जा पर विशेष ध्यान देते हैं। गणेशोत्सव के साथ-साथ नवरात्रि पर्व भी यहां धूम-धाम ने मनाया जाता है।
अनोखी गणेश प्रतिमा, मूषक कर रहे पहरेदारी
सेक्टर-ए की गलियों में एक और पांडाल है, जहां भगवान की मूर्ति के आगे दो पहरेदार भी खड़े दिख रहे हैं। ये पहरेदार और कोई नहीं। बल्कि भगवान गणेश की सवारी कहे जाने वाले मूषक ही हैं। आयोजकों का कहना है कि हमारी गली में भले ही जगह की थोड़ी कमी है। लेकिन, हम बप्पा की सेवा और उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं होने देंगे।