Last Updated:
खरगोन जिले के कसरावद में इस बार गणेशोत्सव खास बना है. पहली बार केदारनाथ की थीम पर विशाल पंडाल सजाया गया है. नानी बाई का मायरा, सुंदरकांड, आदिवासी नृत्य, कवि सम्मेलन और जागरण जैसे आयोजनों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया है.
खरगोन जिले के कसरावद में गणेशोत्सव के लिए सजा पंडाल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है. यहां पहली बार केदारनाथ की तर्ज पर विशाल पंडाल सजाया है. बुधवार को भक्तों ने धूमधाम से प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया और फिर पंडाल में विराजमान किया.

प्रतिमा स्थापना के दौरान जोरदार आतिशबाजी और लाइट शो ने माहौल को भक्ति और उत्साह से भर दिया. खास बात ये भी है कि, यहां इस बार 10 की जगह 12 दिन तक भगवान की आराधना-पूजा की जाएगी.

यहां रोजाना सुबह-शाम आरती और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है. श्रद्धालु सुबह से ही बप्पा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. पंडाल में सजावट और धार्मिक माहौल देखने वालों को आकर्षित कर रहा है.

वहीं, अगले दिन 28 अगस्त को उत्सव की शुरुआत ‘नानी बाई का मायरा’ की भव्य प्रस्तुति से हुई. निमाड़ी कलाकारों ने इस धार्मिक कथा को भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.

29 अगस्त को सिद्धि विनायक डांस एकेडमी द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी. बच्चे और युवा कलाकार बप्पा के चरणों में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. 30 अगस्त को संगीतमय सुंदरकांड का आयोजन होगा. वहीं 31 अगस्त को दूध प्रसादी और मटकी फोड़ प्रतियोगिता रखी गई है, जिसमें युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिलेगा.

1 सितंबर को आनंदीलाल मोलवी और आदिवासी कलाकारों की नृत्य प्रस्तुति होगी. इस दिन आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी. 2 सितंबर को नगर के विद्यालयों के विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रंग जमाएंगे. 3 सितंबर को भजन गायक शरद तिवारी का कीर्तन होगा. भक्तिमय धुनों के साथ वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो जाएगा. 4 सितंबर को खाटू श्याम भजन संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा.

5 सितंबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा. इसमें देशभर से आए कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोहेंगे. इसके अगले दिन 6 सितंबर को रात्रि जागरण होगा, जिसमें पूरी रात भक्तगण भजन-कीर्तन करेंगे.

उत्सव का समापन 7 सितंबर को होगा. इस दिन आकर्षक झांकियों के साथ गणेश प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. नगर भर में झांकियों का प्रदर्शन होगा और फिर विधिविधान से बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा.