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Teachers Day Special Story: कहते हैं मां से बड़ा कोई योद्धा नहीं होता, इस बात को सच कर दिखाया है सरोज कुंडल ने. आइए जानते हैं इनकी कहानी.
27 साल के आयुष कुंडल का जन्म सेलीपर पल्सी नामक बीमारी के साथ हुआ. इस बीमारी ने उसके शरीर को पूरी तरह से जकड़ लिया. न वह चल सकता है, न बोल सकता है और न सुन सकता है. हाथ-पांव भी उसके काम नहीं करते. केवल एक पैर की उंगली ही उसकी ताकत है. ऐसे हालात में जिंदगी काटना भी मुश्किल था, लेकिन मां सरोज ने बेटे की इस कमजोरी को हार नहीं बनने दिया. उन्होंने तय किया कि वह बेटे को दूसरों पर बोझ नहीं बनने देंगी.
सरोज ने बताया कि, लोगों ने कहा भगवान मौत दे दे. आयुष ऐसे कैसे जीवन बिताएगा. लोगों की इन बातों से मन दुखी हो जाता था. क्योंकि, उसे समझ नहीं पाते थे, कुछ कहता था पर समझना मुश्किल था. फिर बेटे से संवाद करने का एक अनोखा तरीका निकाला. उन्होंने आयुष को आंखों की भाषा सिखाई. अब मां-बेटे बिना बोले और बिना सुने एक-दूसरे की हर बात समझ जाते हैं. सरोज ने दिन-रात बेटे की देखभाल की और हर छोटी-बड़ी जरूरत को पूरा किया. उनका यह धैर्य और हिम्मत ही आयुष की सबसे बड़ी ताकत बन गया.
मां ने उस हुनर को पहचाना
आयुष के पास शरीर का सहारा नहीं था, लेकिन उसके अंदर एक कलाकार छुपा था. मां ने उस हुनर को पहचान लिया. उन्होंने बेटे को पेंटिंग की ओर बढ़ाया. शुरुआत में आयुष पैर की उंगली से पेंटिंग बनाने की कोशिश करता और बार-बार असफल हो जाता. लेकिन सरोज ने उसे हिम्मत दी और हार मानने नहीं दी. एक मूकबधिर स्कूल में दाखिला दिलाया. जहां धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई और वह ऐसी खूबसूरत पेंटिंग बनाने लगा, जिसे देखकर लोग दंग रह जाते हैं.
आज आयुष की बनाई पेंटिंग्स पूरे देश में मशहूर हैं. सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें खूब पसंद की जाती हैं. पैर की उंगली से बनाई गई पेंटिंग्स ने उसे अलग पहचान दिलाई है. सरोज की मेहनत और आयुष की लगन ने उसे उस मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां हर कोई उसकी तारीफ करता है. मां के मार्गदर्शन ने उसकी जिंदगी अंधेरे से रोशनी की ओर मोड़ दी.
पीएम मोदी भी आयुष के फैन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े लोग भी आयुष की कला के फैन हैं. सोशल मीडिया पर उसे फॉलो करते है. पीएम मोदी ने तो आयुष के लिए घर देने का वादा भी किया है. यह उस मां-बेटे की मेहनत की जीत है, जिन्होंने हालात से हार मानने के बजाय जंग लड़ी और जीत हासिल की.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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