देशभर के लोगों से फॉरेक्स और क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिए 2400 करोड़ रुपए ऐंठने वाला मास्टर माइंड लविश चौधरी उर्फ नवाब अली लगातार नए-नए पैंतरे अपना रहा है। हाल ही में उसने क्रिप्टो में डील करने वाली खुद की कंपनी ट्रिलियनेयर (टीएलसी 2.0) को रीब्रांड कर लि
.
दुबई में बैठे लविश चौधरी के पैंतरे समझने के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी(जयपुर) और हेमराज सिंह चौहान (भोपाल) से बात की। एक्सपर्ट के मुताबिक लिगेसी-एक्स, बोट अल्फा और क्रॉस मार्केट में डील करना घाटे का सौदा होगा। यानी आपकी रकम डूब जाएगी। हाल ही में लविश ने दुनियाभर में फैले एजेंट्स से जूम पर लाइव मीटिंग की। इस मीटिंग का वीडियो भास्कर के पास है। इसमें वह साफ कह रहा है- भारत में हमारे 99% फीसदी एजेंट जिंदा हैं। इसका मतलब है कि वह अभी रुकने वाला नहीं है।
जूम मीटिंग में बेखौफ… दिसंबर तक नया सिस्टम खड़ा करने का दावा किया
लविश बोला- ओमान, मलेशिया और वियतनाम में होगी फिजिकल मीटिंग
5 दिन पहले अपने एजेंटों से जूम पर मीटिंग करने वाले लविश ने कई सुनहरे सपने दिखाए। वह बोला- टीएलसी 2.0 का सॉल्यूशन सितंबर में दे देंगे। डोमेन बदल सकता है, लेकिन नेटवर्क वही रहेगा और टीम भी नहीं बदलेगी। हिंदुस्तान में आज भी हमारे 99% फीसदी नेटवर्क और एजेंट जिंदा हैं। यह नेटवर्क हमेशा जिंदा रहेगा। हमारी मुलाकात ओमान, मलेशिया और वियतनाम में होगी। दिसंबर तक पूरा सिस्टम बिल्ट कर लेंगे। आप लोग माइनस में टेंशन नहीं लेना, हार नहीं मानना। मैं कभी पीठ नहीं दिखाऊंगा।
गुर्गे नेगी का दावा- रेलवे विंड लविश का ड्रीम प्रोजेक्ट, 2026 में लाएगा
लविश का खास गुर्गा नेगी दिल से दिल तक यू-ट्यूब पर वीडियो साझा करता है। 3 दिन पहले आए वीडियो में नेगी ने दावा किया कि 2026 तक लविश रेलवे विंड प्रोजेक्ट में उतरेगा। लविश भाई ने प्लान-सी तैयार कर रखा है। लविश ने जूम मीटिंग में जो कुछ कहा है, वो सब पूरा होगा। रेलवे विंड टेक्नोलॉजी लविश का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 2026 में इसे इंडिया में लॉन्च करने की तैयारी है। मार्केट में जो अफवाह चल रही है उससे परेशान न हों। जनवरी तक आपको सारे प्लान पता चल जाएंगे। सितंबर से बदलाव के बारे में पता चलने लगेगा।
सोशल मीडिया पर ऐसे प्रचार
निवेश से पहले यह जरूर चैक करें कि संबंधित कॉइन एक्सचेंज में लिस्टेड हो
लविश ने टीएलसी 2.0 बंद कर दिया है। इसे लिगेसी एक्स में बदला गया है जो कहीं लिस्टेड नहीं है। यानी लिगेसी-एक्स (क्रिप्टो कॉइन) की कोई कीमत नहीं है। लविश के लिए काम करने वाली टीम इस कॉइन की मल्टीलेवल ब्रांडिंग कर ऐसा दिखावा करेगी, जैसे इसकी बड़ी डिमांड है। याद रखें क्रिप्टो में निवेश से पहले यह जरूर चेक करें कि संबंधित कॉइन किसी एक्सचेंज पर लिस्टेड है या नहीं। अगर वह लिस्टेड नहीं है तो समझ लें यह धोखा हो सकता है। – मुकेश चौधरी, साइबर एक्सपर्ट, जयपुर
100 से ज्यादा खातों में अब तक 188 करोड़ फ्रीज कराए… मप्र एसटीएफ अब तक 100 से ज्यादा खातों में 188 करोड़ रुपए फ्रीज करा चुकी है। अब लविश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी है। एआईजी नवीन कुमार ने बताया कि इसके लिए गृह मंत्रालय से संपर्क किया जा रहा है। नोटिस जारी होने पर लविश को भारत लाने का रास्ता साफ होगा।
इवेंट के लिए भारत से दुबई मंगाए थे 33 लाख के ट्रैक सूट… जांच में ऐसी तीन कंपनियों का खुलासा हुआ है जिनका डायरेक्टर लविश चौधरी रहा है। इनमें NAeducom service pvt ltd, NSMtrade.zone और NAinfo.solution pvt ltd शामिल हैं। जांच में पता चला है लविश ने एजेंट तैयार करने एक इवेंट कराया था। इसके लिए 33 लाख कीमत के ट्रैक सूट भारत से मंगवाए गए थे।