अब खेतों में मेहनत नहीं, तकनीक करेगी काम, बैटरी स्प्रेयर से खेतों में दवा का छिड़काव हुआ आसान

अब खेतों में मेहनत नहीं, तकनीक करेगी काम, बैटरी स्प्रेयर से खेतों में दवा का छिड़काव हुआ आसान


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Agriculture News: खेती में तकनीक का प्रभाव बढ़ रहा है. पुराने नैपसेक और फुट स्प्रेयर की जगह अब बैटरी स्प्रेयर किसानों की पहली पसंद बन गए हैं. यह उपकरण समय, मेहनत और दवा की बचत करते हैं.

सतना. खेती किसानी में अब मेहनत कम और तकनीक का योगदान ज्यादा होता जा रहा है. पहले जहां किसान हाथ से चलने वाले स्प्रेयर या पैडल दबाकर चलने वाले फुट स्प्रेयर के जरिए घंटों मेहनत करके खेतों में दवा छिड़कते थे. वहीं अब मार्केट में उपलब्ध बैटरी वाले स्प्रेयर ने इस काम को बेहद आसान बना दिया है. यह उपकरण न सिर्फ किसानों की मेहनत बचाता है, बल्कि समय और दवा दोनों का सही इस्तेमाल भी सुनिश्चित करता है.

पुराने उपकरणों को अलविदा
लोकल 18 से बातचीत में जय श्री कृषि विकास केंद्र के मालिक अमित सिंह बताते हैं कि करीब दस साल पहले तक नैपसेक स्प्रेयर और फुट स्प्रेयर ही किसानों के पास मुख्य विकल्प हुआ करते थे. नैपसेक स्प्रेयर को पीठ पर लादकर हाथ से पंप करना पड़ता था वहीं फुट स्प्रेयर में पैर से दबाव बनाकर छिड़काव किया जाता था. ये उपकरण बड़े खेतों और ऊँचे पेड़ों पर दवा छिड़कने में मददगार तो थे लेकिन मेहनत और समय दोनों की खपत ज्यादा होती थी.

आधुनिक बैटरी स्प्रेयर की बढ़ती मांग
बदलते दौर में अब बैटरी स्प्रेयर किसानों की पहली पसंद बन चुके हैं. यह उपकरण बिना ज्यादा श्रम के लंबे समय तक लगातार दवा का छिड़काव करने की क्षमता रखते हैं. बैटरी के कारण इसमें दबाव ज्यादा बनता है और दवा पौधों की पत्तियों तक समान रूप से पहुँचती है. खास बात यह है कि इसे चलाना बेहद आसान है जिससे महिला किसान और बुजुर्ग भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

गार्डनिंग और पावर स्प्रेयर भी मार्केट में
अमित सिंह बताते हैं कि खेती के अलावा गार्डनिंग के लिए आज भी छोटे 1 से 1.5 लीटर वाले हैंड स्प्रेयर लोगों की पसंद बने हुए हैं. वहीं आधुनिकता के साथ पेट्रोल से चलने वाले पावर स्प्रेयर भी बाजार में आ चुके हैं जिन्हें पीठ पर टांगा जा सकता है या जमीन पर रखकर उपयोग किया जा सकता है. ये बड़े पैमाने पर छिड़काव करने के लिए बेहद कारगर साबित हो रहे हैं.

कीमत और उपलब्धता
मार्केट में स्प्रेयर की कीमतें उनकी तकनीक और क्षमता के अनुसार अलग-अलग मिलती हैं. नैपसेक स्प्रेयर 800 से 1200 रुपये तक, फुट स्प्रेयर 1000 से 2000 रुपये तक, बैटरी स्प्रेयर 2000 से 4500 रुपये तक और गार्डनिंग पंप मात्र 150 रुपये से शुरू हो जाते हैं. बैटरी स्प्रेयर में भी छोटी और बड़ी बैटरी वाले मॉडल उपलब्ध हैं जिससे किसान अपनी जरूरत और बजट के अनुसार चयन कर सकते हैं.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

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