भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का ऑनलाइन गेमिंग कंपनी ‘ड्रीम11’ के साथ 358 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का करार रद्द होने के बाद टीम इंडिया बिना किसी जर्सी प्रायोजक के खेल रही है. ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 के प्रचार और विनियमन के पारित होने के बाद यह करार रद्द हो गया जिसके तहत गेमिंग ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. बीसीसीआई ने इसके बाद एक नई निविदा जारी की है जिसमें वास्तविक धन राशि वाले गेमिंग एप, सट्टेबाजी, क्रिप्टोकरेंसी या शराब उत्पादों से जुड़ी कंपनियों के बोली लगाने पर रोक लगी है.
रियल एस्टेट क्षेत्र की टॉप संस्था ‘क्रेडाई’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शुक्ला ने कहा, ‘‘निविदा प्रक्रिया जारी कर दी गई है और इसमें कई बोलीदाता शामिल हैं. इसके अंतिम रूप देने के बाद हम आपको बताएंगे. मुझे लगता है कि यह 15-20 दिनों में अंतिम रूप ले लेगा.’’
बीसीसीआई को कर छूट मिलने की आलोचना पर शुक्ला ने जवाब दिया, ‘‘बीसीसीआई एक कॉर्पोरेट कंपनी की तरह आयकर चुकाता है. जीएसटी भी देता है. हमें कोई छूट नहीं मिलती. हम हजारों करोड़ रुपये कर देते हैं. राज्य संघ भी कर देते हैं और हम सरकार से एक रुपया भी अनुदान नहीं लेते.’’
महिला क्रिकेट के विकास पर शुक्ला ने कहा, ‘‘काफी प्रयास किए जा रहे हैं. बस एक ही चुनौती है कि स्टेडियम खचाखच भरा हो. दर्शकों को महिलाओं को भी मैच देखने आना चाहिए. हम अपनी तरफ से सब कुछ कर रहे हैं. हम महिलाओं को बढ़ावा दे रहे हैं, टूर्नामेंट आयोजित कर रहे हैं, सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. बस एक ही बात है कि लोग आकर महिलाओं के मैच देखें.’’