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Public Opinion: एक महिला ने लोकल 18 से कहा कि बीजेपी चुनाव के समय आई थी, तो तब कहा था कि लाडली बहनों को 3000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे लेकिन अब सरकार मुकर रही है. उन्होंने (सरकार) 3000 रुपये देने के बदले अब नाम काटने की तैयारी शुरु कर दी है. ऐसे में अगर हमारे नाम कटे, तो यह सरासर गलत बात होगी.
मध्य प्रदेश सरकार ने 10 जून 2023 को लाडली बहना योजना की शुरुआत की थी. शुरुआत में हर महिला को 1000 रुपये दिए जाने लगे. जिसके बाद राशि बढ़ाकर 1250 रुपये तक पहुंची. इस साल भैयादूज से लाभार्थी महिलाओं को 1500 रुपये भी मिलने वाले हैं. इससे पहले सरकार वेरिफिकेशन ड्राइव चलाएगी और उसमें अपात्र महिलाओं के नाम काट दिए जाएंगे. जिन परिवारों की आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा होगी, महिला टैक्स भरती होगी, परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में होगा या रिटायर हो चुका होगा या फिर केंद्र और राज्य सरकार के किसी भी विभाग या उपक्रम में स्थायी या फिर संविदा कर्मी होगा, उन महिलाओं के नाम कट सकते हैं.
लोकल 18 ने बालाघाट की वार्ड नंबर 33 की महिलाओं से बातचीत की. उनका कहना है कि गरीब परिवारों को इस योजना से काफी मदद मिलती है. अपने खर्च हों या बच्चों की पढ़ाई का खर्च, इस योजना से मिलने वाली राशि से काफी मदद होती है. महिलाएं बोलीं कि हम मेहनत मजदूरी करने वाले हैं. ऐसे में हमारे क्या किसी भी महिला के नाम नहीं काटे जाने चाहिए.
‘चुनाव के समय 3000 बोले, अब मुकर रही सरकार’
एक महिला ने कहा कि बीजेपी चुनाव के समय आई थी. तब कहा था कि लाडली बहनों को 3000 रुपये महीने मिलेंगे लेकिन अब सरकार मुकर रही है. उन्होंने (सरकार) 3000 रुपये देने के बजाय अब नाम काटने की तैयारी शुरु कर दी है. ऐसे में अगर हमारे नाम कटे, तो यह अच्छी बात नहीं है.
महिला बोली- कर्ज लेकर घर बनाया
एक महिला ने कहा कि घर देखकर नाम कटेंगे, तो यह सरासर गलत बात होगी. दरअसल हमने कर्ज लेकर घर बनाया है. वहीं पीएम आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है. एक और महिला का कहना है कि चुनाव के समय बुला-बुलाकर वादे करते थे. 3000 रुपये मिलने थे लेकिन अब नाम कटने की नौबत आ गई है. ऐसे में अब वोट डालने से कोई मतलब ही नहीं है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.