14 साल बाद मिला बालाघाट का लापता फार्मासिस्ट: पाकिस्तान के मनोचिकित्सा संस्थान में सुनील अद्यय के नाम से भर्ती; भारत वापसी की कोशिश जारी – Balaghat (Madhya Pradesh) News

14 साल बाद मिला बालाघाट का लापता फार्मासिस्ट:  पाकिस्तान के मनोचिकित्सा संस्थान में सुनील अद्यय के नाम से भर्ती; भारत वापसी की कोशिश जारी – Balaghat (Madhya Pradesh) News


बहन संघमित्रा की भाई की घर वापसी की लगातार कर रही है।

बालाघाट के फार्मासिस्ट प्रसन्नजीत रंगारी की 14 साल बाद लोकेशन का पता चला है। वह पाकिस्तान के लाहौर स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में सुनील अद्यय के नाम से उपचार ले रहे हैं। यह जानकारी पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग से प्राप्त ईमेल से मिली ह

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भारतीय उच्चायोग ने ईमेल से दी पुष्टि

प्रसन्नजीत की बहन संघमित्रा खोब्रागढ़े को 2021 में कुलदीप सिंह नामक व्यक्ति का फोन आया था। कुलदीप ने बताया कि वह 29 साल तक पाकिस्तान की उसी जेल में रहा, जहां प्रसन्नजीत बंद थे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख ने 2024 में विदेश मंत्रालय के मदद पोर्टल पर प्रसन्नजीत की वापसी के लिए याचिका दायर की। इसके जवाब में 10 सितंबर को भारतीय उच्चायोग इस्लामाबाद से ईमेल मिला।

भारतीय उच्चायोग, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से प्रसन्नजीत की रिहाई और भारत वापसी के लिए निरंतर संपर्क में है। संघमित्रा पिछले कई वर्षों से अपने भाई की वापसी के लिए प्रयासरत हैं। भारतीय उच्चायोग से प्राप्त ईमेल ने परिवार को नई उम्मीद दी है।

बहन के लगातार प्रयास से मिला पता

जिसके बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख ने, प्रसन्नजीत की बहन संघमित्रा खोब्रागढ़े से चर्चा की थी और उनके भाई की पाकिस्तान से वापसी को लेकर किए जा रहे प्रयासों को जाना था। बहन संघमित्रा की भाई की घर वापसी की लड़ाई में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख ने मानवीयता के नाते, प्रयास किए और उन प्रयासों का परिणाम भी सामने आया है।

साल 2021 में प्रसन्नजीत रंगारी की बहन संघमित्रा को पंजाब से एक फोन आया था। इसके बाद से ही वह लगातार प्रशासन, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से संपर्क में बनी रहीं।

परिवार ने प्रसन्नजीत की खोज में करीब छह महीने तक काफी प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि जब वह लापता हुए थे, उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। प्रसन्नजीत पेशे से फार्मासिस्ट थे और उन्होंने भोपाल के गुरु रामदास खालसा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से बी-फार्मेसी की पढ़ाई की थी।

फार्मासिस्ट प्रसन्नजीत रंगारी की 14 साल बाद पता मिला।

फार्मासिस्ट प्रसन्नजीत रंगारी की 14 साल बाद पता मिला।

ग्राम पंचायत ने भी दिए संघर्ष के समर्थन में प्रमाण पत्र

उनकी दसवीं की अंकसूची में जन्मतिथि 8 सितंबर 1987 दर्ज है। इस आधार पर आज उनकी उम्र लगभग 38 साल है। प्रसन्नजीत की पहचान से जुड़े सभी दस्तावेज-समग्र आईडी, मतदाता परिचय पत्र और पैन कार्ड-जिले से जुड़े हुए हैं। ग्राम पंचायत ने भी उनके पाकिस्तान से वापस लाने के लिए बहन के संघर्ष का समर्थन करते हुए प्रमाण पत्र जारी किया।

बताया जाता है कि जब प्रसन्नजीत लापता हुए थे, उस समय उनकी उम्र लगभग 33 साल थी। अब 10 सितंबर 2025 को भारतीय उच्चायोग से आए ईमेल के बाद यह पुष्टि हुई है कि वह पाकिस्तान के लाहौर में स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ में इलाजरत हैं। इसके बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख ने भी परिजनों से चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रयास जारी रहेंगे।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख परिजनों से मिलें।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख परिजनों से मिलें।



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