सायबर अलर्ट: MP में बैंकिंग फ्रॉड गिरोह ने फैलाया नेटवर्क, झारखंड से जुड़े हैं तार, पढ़ें पूरी खबर | bhopal – News in Hindi

सायबर अलर्ट: MP में बैंकिंग फ्रॉड गिरोह ने फैलाया नेटवर्क, झारखंड से जुड़े हैं तार, पढ़ें पूरी खबर | bhopal – News in Hindi


अपनी बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा नहीं करनी चाहिए. (सांकेतिक फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पकड़े गए साइबर ठगों से इस बात का खुलासा हुआ है कि झारखंड के कई ऐसे जिले हैं, जहां पर साइबर गैंग सक्रिय है.

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बैंकिंग फ्रॉड गिरोह (Banking Fraud Gang) की सक्रियता की वजह से साइबर अलर्ट जारी किया गया है. बैंकिंग फ्रॉड गिरोह ने प्रदेश में अपने नेटवर्क को मजबूत किया है. यही कारण है कि साइबर फ्रॉड की शिकायत लगातार बढ़ती जा रही है. ऑनलाइन ठगी (Online Cheating )  हो या फिर व्यक्तिगत जानकारी लेने के बाद की गई ठगी के मामले हो, साइबर ठगी से जुड़े सभी तरफ के मामलों में इजाफा हुआ है. इसलिए स्टेट साइबर सेल ने भी लोगों को अलर्ट रहने  की अपील की है. यदि साइबर शॉट के दौरान जरा सी सावधानी बरती जाए तो लाखों के नुकसान से आसानी से बचा जा सकता है. पहले भोपाल (Bhopal) में ही ऑनलाइन ठगी की 700 से ज्यादा शिकायतें आती हैं. इन शिकायतों में स्टेट साइबर सेल और भोपाल साइबर टीम की शिकायतें भी शामिल हैं. हैरत की बात है कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं पर पुलिस कुछ ही मामलों में एफआईआर दर्ज करती है, क्योंकि सभी मामलों में एफआईआर दर्ज करना संभव नहीं होता है.

मध्य प्रदेश में पकड़े गए साइबर ठगों से इस बात का खुलासा हुआ है कि झारखंड के कई ऐसे जिले हैं, जहां पर साइबर गैंग सक्रिय है. इस गैंग के लोग झारखंड में बैठे-बैठे ही भोपाल समेत दूसरे जिलों के लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. स्टेट साइबर सेल ने गुना शिवपुरी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था. यह मॉड्यूल भी झारखंड के मॉडल की तरह बैंकिंग फ्रॉड का काम करता था. इस मॉड्यूल के तार पूरे देश भर से जुड़ा है. इसके अलावा भोपाल साइबर क्राइम भी समय-समय पर ठगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इन ठगों के तार भी झारखंड के अलावा दिल्ली राजस्थान और दूसरे राज्यों से जुड़े हैं. ऐसे में दूसरे राज्यों से कनेक्शन होने की वजह से पुलिस को जांच करने में दिक्कत आती है और आरोपी अक्सर उनकी गिरफ्त से बाहर रहते हैं. ऐसे में सबसे ज्यादा आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है.

ठगों से ऐसे बचें-अपनी बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा नहीं करनी चाहिए.

-अपने पर्सनल पासवर्ड भी किसी से शेयर नहीं करना चाहिए.

-लुभावने ऑफर पर नहीं जाना चाहिए.

-प्रतिष्ठित और जांच परख के किसी वेबसाइट और कंपनियों से ही खरीद-फरोख्त करना चाहिए.

-किसी भी तरीके के लुभावने लिंक को खोलना नहीं चाहिए.

-बैंक संबंधित जानकारी भी किसी से शेयर नहीं करना चाहिए.

-किसी तरीके की कंफ्यूजन है तो तत्काल संबंधित एजेंसी में जाकर संपर्क करना चाहिए.

-ठगी की आशंका होने पर स्थानीय पुलिस से मदद लेना चाहिए.

-बैंक द्वारा कभी भी किसी ग्राहक को अधिकारी बनकर फोन नहीं लगाया जाता है. ऐसे में फर्जी बैंक की तरफ से आने वाले कॉल से बचना चाहिए. ऑनलाइन बैंकिंग का भी सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए.





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