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Maa Sharda Temple: नवरात्रि में मां शारदा धाम मैहर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. देशभर से पहुंच रहे भक्तों के लिए ट्रेन और सड़क मार्ग दोनों से पहुंचना आसान है. आइए जान लेते हैं पूरी जानकारी.
Maa Sharda Temple: नवरात्रि पर्व पर मां शारदा की नगरी मैहर एक बार फिर भक्तिभाव से सराबोर हो चुकी है. मां शारदेय नवरात्रि मेले में देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. भक्तजन घंटों कतार में खड़े होकर मां के दर्शन कर रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच उन्हें सुगमता से मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है.
मैहर में नवरात्रि का नवदिवसीय मेला 22 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर, दशहरे तक जारी रहेगा. इस दौरान मां शारदा देवी मंदिर परिसर और उसके आसपास लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट रानी बाटड ने सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभाली है. भीड़ प्रबंधन के लिए जिलेभर से अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है. कुल 12 कार्यपालिक मजिस्ट्रेट विभिन्न स्थानों पर तैनात किए गए हैं जो व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं.
मैहर पहुंचने के लिए मार्ग और सुविधाएं
श्रद्धालु मैहर पहुंचने के लिए ट्रेन और सड़क दोनों मार्गों का उपयोग कर सकते हैं. शहर में स्थित मैहर जंक्शन (MYR) रेलवे स्टेशन प्रमुख स्टेशन है जो देश के कई हिस्सों से जुड़ा हुआ है. सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 30 मुख्य संपर्क मार्ग है.
कौनसा राजमार्ग होगा सही?
सतना से मैहर की दूरी लगभग 40-43 किलोमीटर है जिसे एक घंटे में तय किया जा सकता है. रीवा से मैहर की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है और यह मार्ग भी NH-30 से होकर गुजरता है. कटनी से मैहर की दूरी लगभग 50-70 किलोमीटर है जहां से ट्रेन और बस दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं. अमरपाटन से मैहर की दूरी करीब 22-27 किलोमीटर है. सीधी से मैहर तक पहुंचने के लिए लगभग 150-160 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है. शहडोल से मैहर तक का मार्ग एनएच-135 बीसी और राज्य सड़कों से होकर गुजरता है, जिसकी दूरी लगभग 160-180 किलोमीटर है. सिंगरौली से मैहर तक लगभग 190-200 किलोमीटर की दूरी है जिसे सड़क मार्ग से 4-5 घंटे में तय किया जा सकता है.
मां शारदा मंदिर तक पहुंचने की व्यवस्था
मैहर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को मां शारदा मंदिर तक जाने के लिए त्रिकूट पर्वत की चढ़ाई करनी पड़ती है. भक्तों के लिए दो विकल्प उपलब्ध हैं, एक तो सीढ़ियों से या फिर रोप-वे से. रोप-वे के माध्यम से श्रद्धालु आराम से मंदिर तक पहुंच सकते हैं. वहीं, जो भक्त पैदल चढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए चौड़ी और सुरक्षित सीढ़ियों का प्रबंध है.
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मेले का माहौल
नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मां के जयकारों से त्रिकूट पर्वत गूंज रहा है. भक्तजन अपनी श्रद्धा अनुसार विशेष पूजन-अर्चना और अनुष्ठान कर रहे हैं. मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी, मेडिकल और सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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