जिला पंचायत सदस्य रेखा, जनपद अध्यक्ष रायूम प्रसाद टेकाम और जनपद सदस्यों ने शुक्रवार को मेहदवानी जनपद का घेराव किया। उन्होंने मनरेगा योजना बंद होने का आरोप लगाया, जिससे ग्रामीण युवक रोजगार के लिए दूसरे जिलों और राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। इस
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जनपद सदस्य फूल चंद कुर्राम ने बताया कि मनरेगा योजना बंद हो चुकी है। मजदूरी न मिलने के कारण ग्रामीण मजदूर परिवार सहित रोजगार की तलाश में गुजरात, महाराष्ट्र, बेंगलुरु, जयपुर, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।
लोग बोले- अफसरों की लापरवाही से काम बंद
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते शासकीय योजनाएं और निर्माण कार्य बंद पड़े हैं। प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, सड़क और तालाब निर्माण, वृक्षारोपण और सफाई अभियान केवल कागजों में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने पिछले एक वर्ष से मनरेगा की मजदूरी न मिलने का भी मुद्दा उठाया और वर्ष 2022 की लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान करवाने की मांग की।
जनपद अध्यक्ष रायूम प्रसाद टेकाम ने कहा कि नवरात्रि का त्योहार चल रहा है। कुछ दिन बाद दिवाली है, लेकिन ग्रामीणों के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में त्योहार कैसे मना पाएंगे।
जनपद सीईओ प्रमोद ओझा ने आश्वासन दिया कि बारिश के समय मनरेगा के कुछ कामों पर पाबंदी लग जाती है। उन्होंने बताया कि बारिश अब समाप्त होने वाली है, इसलिए जल्द ही काम शुरू किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।