सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया रसेल वाइपर सांप।
सीधी जिले के मझौली जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पैपखरा (बनिया टोला) से वन विभाग की टीम ने चार फीट लंबे रसेल वाइपर सांप का रेस्क्यू किया है। यह सांप शनिवार रात से गांव में देखा जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत थी।
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पूर्व सरपंच हरीश शर्मा और डॉ. मधुसूदन द्विवेदी ने इसकी सूचना जिला पंचायत सदस्य कृष्णलाल पयासी को दी, जिन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचित किया। शनिवार देर रात वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन सांप को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी।
डिप्टी रेंजर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
इसके बाद रविवार सुबह डिप्टी रेंजर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में मझौली वन विभाग की टीम दोबारा मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पांच वनरक्षकों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया। सघन तलाशी के दौरान टीम को चार फीट लंबा रेड वायपर सांप दिखाई दिया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह सांप बेहद जहरीला होता है और छोटे जानवरों को निगलने की क्षमता रखता है। यह बच्चों और ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सांप एक बार पकड़ में आने के बाद छूटकर भाग गया, लेकिन टीम ने प्रयास जारी रखे। करीब दो घंटे की मशक्कत और सावधानीपूर्वक प्रयासों के बाद सांप को सफलतापूर्वक काबू में कर लिया गया।
रसेल वाइपर को पकड़ते हुए वन विभाग की टीम।
सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
रेस्क्यू के बाद रसेल वाइपर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे गांव ने राहत की सांस ली। पूर्व सरपंच हरीश शर्मा ने बताया कि यह सांप शनिवार रात से लगातार गांव में दिख रहा था और बच्चों के सामने भी आ जाता था, जिससे ग्रामीण दहशत में थे।
उन्होंने कहा कि यदि वन विभाग समय पर कार्रवाई नहीं करता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। डिप्टी रेंजर राजेश शुक्ला ने बताया कि विभाग की टीम ऐसी स्थितियों में हमेशा तत्पर रहती है और तुरंत रेस्क्यू कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

सघन तलाशी में जुटे वनरक्षक और अधिकारी।